Unnao Road Accident: रफ्तार…लापरवाही और छह जिंदगियां खत्म! एक महीने पहले भी इसी जगह जा चुकीं हैं दो जान

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Unnao Road Accident: बंथर औद्योगिक के इस बाईपास चौराहे के आसपास वाहन सड़क घेरकर खड़े रहते हैं। आसपास गांवों के लोगों और फैक्टरियों की वजह से यह मार्ग 24 घंटे अति व्यस्त रहता है। सड़क किनारे ही गहरी खंती भी है। एक महीने पहले भी पास के गांव निवासी मां-बेटी की मौत हो गई थी।

आपको बता दे की एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना का कहना है कि प्रथम दृष्टया डंपर की तेज रफ्तार सामने आई है। साथ ही घटनास्थल पर आड़े-तिरछे खड़े वाहन भी हादसे का सबब बनते हैं। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां काफी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं।
आसपास चाय-पान की दुकानें और होटल भी हैं। वाहन अक्सर बचने या लोगों को बचाने की कोशिश में हादसे का शिकार होते हैं। पिछले दिनों डीएम अपूर्वा दुबे ने एनएचएआई के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट खत्म करने और अवैध पार्किंग रोकने के निर्देश दिए थे।

एनएचएआई ने सुधार किया होता तो शायद हादसा टल जाता। मालूम हो कि जिस जगह डंपर ने कार को टक्कर मारी इसी स्थान पर 11 दिसंबर 2022 को कटहादल नारायणपुर निवासी छविनाथ की बाइक में डंपर ने टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक में बैठी पत्नी गीता और उसकी आठ साल की बेटी शिवानी की मौत हो गई थी।

मातम में बदली खुशियां, नहीं चढ़ा तिलक

हादसे का शिकार हुए विमलेश की भतीजी सुरेंद्र की बेटी शिवानी की शादी कानपुर बर्रा में तय हुई थी। रविवार को सभी तिलक लेकर कानपुर जा रहे थे। विमलेश इकलौते बेटे शिवांक उर्फ विक्की और दामाद पूरन दीक्षित के साथ बंथर बाईपास पर कार से आकर अन्य लोगों के आने का इंतजार कर रहे थे। तभी हादसा हो गया। घटना की सूचना घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। जो रिश्तेदार तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे वह पहले घटनास्थल पहुंचे। उसके बाद सीधे पोस्टमार्टम हाउस आ गए। खुशियां मातम में बदल गईं। घटना को देखते हुए तिलक आगे चढ़ाने की बात कह रोक दिया गया।

स्टेशनरी का काम करता था शिवांक

हादसे का शिकार हुए विमलेश खेती करते थे। जबकि इकलौता बेटा शिवांक स्टेशनरी का काम कर परिवार का पालन पोषण करता था। वह तीन बहनों में सबसे छोटा था। इकलौते बेटे की मौत से मां के साथ पत्नी बेहाल हैं। मृतक शिवांक का एक पांच साल का बेटा भी है।

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Unnao Road Accident: रफ्तार…लापरवाही और छह जिंदगियां खत्म! एक महीने पहले भी इसी जगह जा चुकीं हैं दो जान

हादसे का शिकार हुआ पूरन दीक्षित नवाबगंज कस्बे में कास्मेटिक की दुकान कर परिवार का पालन पोषण करता था। वह दो भाईयों में छोटा था। मौत की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। मृतक की मां के साथ पत्नी और दो बच्चे हैं।

वाहन नंबर के आधार पर दर्ज हुई रिपोर्ट

मृतक विमलेश के भाई दिनेश कुमार तिवारी की तहरीर पर अचलगंज पुलिस ने डंपर के कानपुर के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर, लापरवाही से गाड़ी चलाने और मार्ग दुर्घटना की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। एसओ प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि डंपर कानपुर का है। उसके चालक और मालिक का पता लगाया जा रहा है। क्षतिग्रस्त वाहनों को बदरका चौकी में खड़ा कराया गया है।

https://youtu.be/OeC8-kumbT0

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