Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के चपरतला गांव में सरकारी शौचालय ढहने से एक पांच साल के बच्चे की मौत हो गई. घटना के समय पांच साल का पंकज टॉयलेट के पास खेल रहा था. वह मलबे में दब गया.उसके परिवार ने शौचालय के निर्माण में घटिया सामग्री लगाए जाने का आरोप लगाया है. इससे पता चलता है कि सरकार द्वारा बनाये गए घरों में सरकारी टॉयलेट की क्या स्थिति है. आज टीवी 9 की टीम ने यूपी के कई जिलों में बनाए गए टॉयलेट का जायजा लिया और देखा रि उनकी क्या स्थिति है.
सभी जगह टॉयलेट इतने जर्जर हो चुके है कि टूटने कि कगार पर पहुंच गए हैं. (Uttar Pradesh) लखनऊ के मडियाव में घरों में बने सरकारी टॉयलेट की कंडीशन बहुत ही बुरी है. टॉयलेट इतने जर्जर है कि कभी भी गिर सकते है.साथ ही यहां कुछ टॉयलेट तो ऐसे है जो ख़राब कंस्ट्रक्शन के चलते पहले ही गिर चुके हैं.साथ ही कई टॉयलेट में तो जानवरों को बांध दिया गया है, क्यों कि ये यूज करने लायक ही नहीं हैं.
कुछ टॉयलेट एक तरफ़ झुकं गए है, जो कभी भी गिर सकते है और कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है. खराब टॉयलेट की वजह से लखीमपुर में एक बच्चे की मौत हो गई. पीड़ित परिवार के मुताबिक यह घटना 13 मार्च को दोपहर करीब 12 बजे हुई. उनका पांच साल का बेटा पंकज घर के बाहर बने शौचालय के पास खेल रहा था. तभी अचानक टॉयलेट भरभरा कर ढह गया. मासूम बच्चा मलबे के नीचे दब गया. मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
कहीं झुका तो कहीं गिरने की कगार पर शौचालय
पीड़ित परिवार का कहना है कि शौचालय बनाने में घटिया सामग्री लगाई गई है.ग्राम प्रधान,पंचायत मित्र और सचिव ने 2016 में ठेके पर शौचालय का निर्माण कराया गया था. इसमें मानक विहीन घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते उनका बच्चा काल के गाल में समा गया. इस घटना के बाद टीवी9 की टीम ने दूसरे शहरों में बने टॉयलेट का जायजा लिया, जो कि जर्जर हालत में मिले हैं. इसके चलते कभी भी हालता हो सकता है.
https://youtu.be/Igkqv6VxLj0









