Uttarkashi Tunnel Accident: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 11 नवंबर को ढहने वाली सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आ गई है। ऑगर मशीन के जरिए टनल के भीतर ड्रिलिंग करने और पाइप डालने का काम लगातार चल रहा है। ऑगर मशीन से 22 मीटर तक जो 900 एमएम पाइप शुरू में डाले गये थे, अब उनके भीतर टेलीस्कोपिक मैथड से 800 एमएम का पाइप पुश किया जा रहा है। अब तक 36 मीटर पाइप पुश किया जा चुका है।
पीएम मोदी ने बुधवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को फोन कर बचाव अभियान की जानकारी ली है। (Uttarkashi Tunnel Accident) उन्होंने कहा कि बचाव कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
इससे पहले भी टनल के अंदर पाइप भेजने की कोशिश की गई थी जिसमें 22 मीटर तक 900 एमएम पाइप डाला गया था, लेकिन बीच में बड़ी चट्टान आ गई, जिसके बाद काम रुक गया, लेकिन अब एक बार फिर से इसे टेलीस्कोपिक मैथड के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है। (Uttarkashi Tunnel Accident) 900 एमएम पाइप के अंदर आगे की तरफ अब 800 एमएम का पाइप भेजा जा रहा है, ताकि ये मलबे के दबाव को सह सके और आगे आने वाली रूकावट को भी कम कर सके।
रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगले 35-40 घंटे में मजदूरों का बाहर निकालने में सफलता मिल सकती है। सुरंग के बाहर एंबुलेंस का भी इंतजाम कर लिया गया है। 40 एंबुलेंस सुरंग के बाहर पहुंच गई हैं।
Uttarkashi Tunnel Accident: कैमरे से मजदूरों पर नजर
इससे पहले सोमवार शाम को टनल में एक छह इंच का पाइप भी डाला गया था, जिससे मजदूरों के लिए प्लास्टिक की बोतलों में खिचड़ी भेजी गई थी। यहां से लगातार उनके पास खाना और पानी भेजा जा रहा है। अंदर कैमरा भी भेजा गया जिसके जरिए मजदूरों पर निगरानी रखी जा रही है और उनसे वॉकी टॉकी के जरिए बात भी हो रही है। उनके परिजनों से भी बात कराई जा रही है ताकि उनका हौसला बना रहे।
रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगी हुई हैं। टीमें लगातार दिन-रात काम कर रही हैं और मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।










