Uttarpradesh News: जाजमऊ आगजनी कांड में समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी की सोमवार को कानपुर के एमपी एमएलए कोर्ट कोर्ट में पेशी हुई. उसे महाराजगंज जेल से कानपुर लाया गया. पुलिस जिस तरह से सपा विधायक को कोर्ट लेकर आई, उस तरीके पर इरफान ने सवाल उठाए. सपा विधायक ने कहा कि इन लोगों (पुलिस) ने पेशाब तक नहीं करने दिया. ऐसा लगा कि मैं आदमी नहीं, जानवर हो गया हूं.
बताया जा रहा है कि पुलिस की एक टीम इरफान को रविवार देर रात लगभग दो बजे महाराजगंज जेल से कानपुर के लिए रवाना हुई. ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि पुलिस को कानपुर में वकीलों की हड़ताल की सूचना पहले मिल गई थी. पुलिस को अनुमान था कि सोमवार 11 बजे तक कोर्ट में वकीलों की भीड़ जमा होगी. (Uttarpradesh News) ऐसे में पुलिस हर हाल में इस समय से पहले कोर्ट पहुंचना चाहती थी. हुआ भी ऐसा…पुलिस इरफान को सुबह 10 बजे ही कोर्ट लेकर पहुंच गई. इसी दौरान इरफान ने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा.
वहीं, हड़ताल की वजह से कोर्ट परिसर में वकील नारेबाजी करने लगे. पेशी के तत्काल बाद पुलिस की टीम इरफान को 11:30 बजे महाराजगंज जेल के लिए वापस लेकर चली गई. वहीं, इस दौरान इरफान ने कहा कि ये पुलिस से लेकर पत्रकार सभी जानते हैं कि मेरे ऊपर मुकदमा फर्जी है या असली है. कानपुर की जनता भी जानती है. मेरा वकील मेरा अल्ला है.
इरफान पर दिसंबर में दर्ज हुए थे तीन मुकदमे
बता दें कि समाजवादी पार्टी के सीसामऊ विधानसभा सीट से विधायक इरफान सोलंकी पर पिछले साल दिसंबर में 3 और नए मुकदमे दर्ज हुए थे. इनमें से एक प्राथमिकी ग्वालटोली थाने मे पुलिस कर्मियों से बदसलूकी करने के आरोप पर दर्ज हुई थी. वहीं, 2 अन्य जाजमऊ थाने में दर्ज हुई थी. इरफान पर यूपी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है. वहीं, इन मुकदमों पर सपा विधायक अमिताभ वाजपेई ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकार समाजवादी नेताओं और विधायकों के पीछे पड़कर उनके खिलाफ मुकदमा लिखाने की साजिशें रच रही है. यह लोकतंत्र की हत्या जैसा है.
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