उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस किसी भी समय अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर सकती है. इस बीच बड़ी खबर यह आ रही है कि शुक्रवार को ही कांग्रेस में औपचारिक तौर पर शामिल हुए हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गोसाईं चुनाव मैदान में कांग्रेस के टिकट पर उतर सकती हैं. कांग्रेस में कई नेता अपने परिजनों के लिए टिकट की मांग कर रहे थे, जिसे देखते हुए भी पार्टी ने एक फॉर्मूला तय करने की कोशिश बनाई है. इसके अलावा यह भी बड़ी खबर है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, इस पर भी कांग्रेस ने विचार किया है.
उत्तराखंड के उम्मीदवारों के नाम घोषित करने के सिलसिले में शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की जो बैठक हुई, उसमें पार्टी ने कुछ बिंदुओं पर सहमति बनाने की कवायद की. बैठक के बारे में सूत्रों के हवाले से खबर है कि उत्तराखंड कांग्रेस के लिए ‘एक परिवार एक टिकट’ की पॉलिसी पर पार्टी ने सहमति बना ली. इसका असर इस तरह से होगा कि बीजेपी से निष्कासित किए जाने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गोसाईं चुनाव मैदान में होंगी. हालांकि अभी उनकी सीट को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं है.टिकटों की लिस्ट फाइनल करने को लेकर कहा जा रहा है कि समिति ने करीब 60 नामों पर सहमति बना ली है. हालांकि हरीश रावत के चुनाव पर फैसला आलाकमान को लेना है. कल की बैठक में ये भी सुझाव दिया गया था कि हरीश रावत चुनाव लड़ने के बजाय चुनाव लड़वाएं. इधर, रामनगर की सीट से हरीश रावत के चुनाव लड़ने पर कांग्रेस में भितरघात का डर है. इन तमाम बिंदुओं और सुझावों पर अंतिम फैसला आलाकमान ही लेगा.क्या टिकट के ऐलान के बाद होगी बगावत
गुरुवार को भाजपा ने 59 उम्मीदवार घोषित किए तो 24 घंटे के भीतर ही बगावत के सुर उठे. अब कांग्रेस में भी अंदरूनी हालात ये हैं कि टिकट लिस्ट में नाम कटने वाले कई दावेदार बागी हो सकते हैं. भाजपा ने अपने सांसदों और वरिष्ठ नेताओं की टीम को असंतुष्टों के मैनेजमेंट के लिए लगाया है. अब कांग्रेस असंतोष के सुरों को कैसे मैनेज करेगी, इसकी रणनीति का खुलासा होना अभी बाकी है.









