भारी बारिश से उत्तराखंड में बाढ़-भूस्खलन का खतरा, तीर्थस्थानों पर हजारों लोग फंसे, कई लोगो की मौत

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विदा होते मानसून की बारिश और आंधी से उत्तराखंड में काफी नुकसान हुआ है। यहां कई नदियों में बाढ़ आ गई है और निचले इलाके डूब रहे हैं। बीआरओ (सीमा सड़क संगठन), एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लोगों को बचाने में जुटी हैं। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के पास उफनते लामबगड नाले की वजह से आवाजाही प्रभावित हुई है। कल इस नाले में एक कार फंस गई। जिसमें सवार लोगों को बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने बचाया। इसी तरह केदारनाथ मंदिर से लौटते समय लगातार बारिश के बीच जंगल चट्टी में फंसे करीब 22 श्रद्धालुओं को भी बचाया। उन्हें गौरी कुंड में शिफ्ट किया गया। वहीं, चलने में कठिनाई का सामना कर रहे एक 55 वर्षीय भक्त को स्ट्रेचर पर ले जाया गया।

भारी बारिश के चलते उत्तराखंड के चमोली क्षेत्र से बहने वाली नंदाकिनी नदी में बाढ़ आई हुई है..जिससे इलाके में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। जिससे भूस्खलन का भी खतरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। एक बुजुर्ग ने कहा कि, मानसून की विदाई के बाद हो रही बारिश ने हमारे यहां तबाही मचा रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड में भारी बारिश से 3 की मौत हुई है।

बिगड़ने हालातों की वजह से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रोकनी पड़ी है। लगभग 5 हजार यात्री फंसे बताए गए हैं। आज कई स्थानों पर बीआरओ (सीमा सड़क संगठन), एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लोगों को बचाने में लगी हुई हैं। यहां के कई इलाकों की वीडियो और तस्वीरें जारी की गई हैं…जिनसे हालत को समझा जा सकता है।

उत्तराखंड के अलावा देश के कुछ और राज्यों में भी भारी बारिश की वजह से लोगों की जानें गई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान केरल में हुआ है, जहां बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दर्जनों लोग लापता हैं। उधर, बंगाल में 20 अक्टूबर तक बारिश के आसार हैं।

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