Sonam Wangchuk Health Update: सोनम वांगचुक की बिगड़ी हालत! 19 दिनों में घटा 9 किलो वजन, डॉक्टर बोले- ‘कभी भी…’

Facebook
X
WhatsApp

Sonam Wangchuk Health Update: दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में हुई धांधली और नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब बेहद गंभीर और डरावने मोड़ पर आ चुका है। शिक्षाविद् और जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत लगातार गिरती जा रही है। गुरुवार को उनके अनिश्चितकालीन उपवास का 19वां दिन पूरा हो गया। उनके स्वास्थ्य की जांच कर रहे मुख्य डॉक्टर सतीश लांबा ने एक बेहद डरावनी चेतावनी जारी की है। डॉक्टर का कहना है कि अगर वांगचुक ने तुरंत अपना अनशन नहीं तोड़ा, तो उनके शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग (मल्टी-ऑर्गन फेलियर) हमेशा के लिए काम करना बंद कर सकते हैं। आपको बता दें कि वांगचुक ने देश के युवाओं के भविष्य के लिए 28 जून को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मंच से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए अपना यह कड़ा आंदोलन शुरू किया था।

Also Read –UP News: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 113 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न

Sonam Wangchuk Health Update: 19 दिन में टूटा शरीर, 9 किलो वजन घटा

गुरुवार को डॉक्टरों की टीम ने मीडिया को सोनम वांगचुक का मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। डॉ. सतीश लांबा ने बताया कि इतने लंबे समय तक बिना कुछ खाए रहने की वजह से वांगचुक का शरीर अंदर से बेहद कमजोर हो चुका है। इस कड़े अनशन के कारण अब तक उनके शरीर का 9 किलोग्राम से भी ज्यादा वजन घट चुका है। आंदोलन शुरू होने से पहले के मुकाबले अब उनका कुल वजन गिरकर मात्र 56.9 किलोग्राम रह गया है। डॉक्टरों का एक विशेष दल उनके शरीर के तमाम जरूरी पैमानों पर दिन-रात पैनी नजर रखे हुए है।

Also Read –The Odyssey Review: द ओडिसी होमर की प्राचीन ग्रीक महाकाव्य कविता पर आधारित, जाने कैसी फिल्म है?

क्या कहते हैं ताजा मेडिकल आंकड़े?

सोनम वांगचुक की मौजूदा शारीरिक स्थिति की पूरी रिपोर्ट देते हुए डॉक्टर लांबा ने बताया कि 19वें दिन की सुबह उनके शरीर के आंकड़े बेहद चिंताजनक थे। फिलहाल उनका ब्लड शुगर लेवल 80 mg/dL दर्ज किया गया है, जबकि उनकी दिल की धड़कन (पल्स रेट) 72 बीट्स प्रति मिनट चल रही है। जब वे बिस्तर पर सीधे लेटते हैं, तो उनका ब्लड प्रेशर (बीपी) 105/61 mmHg आता है और जब वे बैठने की स्थिति में होते हैं, तो यह और गिरकर 101/65 mmHg तक पहुंच जाता है।

दूसरे खतरनाक चरण में पहुंचे वांगचुक

डॉक्टरों के मुताबिक, हालांकि सोनम वांगचुक के शरीर में अभी पानी की कमी नहीं हुई है और वे मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं, लेकिन उनके शरीर के अंदरूनी रसायनों में बहुत खतरनाक बदलाव शुरू हो चुके हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, वे अब भुखमरी के दूसरे सबसे खतरनाक चरण में प्रवेश कर चुके हैं। इस स्थिति में शरीर के भीतर यूरिक एसिड का स्तर बहुत तेजी से बढ़ने लगता है। यह इस बात का साफ इशारा है कि शरीर अब जीवित रहने के लिए अपनी ही मांसपेशियों को अंदर ही अंदर तोड़कर खाने लगा है, जिससे खून में यूरिक एसिड का जहर तेजी से फैल रहा है।

डॉक्टरों ने कहा- अब शुरू होगा असली संकट

मेडिकल टीम का मानना है कि इस भूख हड़ताल का सबसे डरावना दौर अब शुरू होने जा रहा है। डॉक्टरों ने साफ किया कि अभी तक वांगचुक का शरीर चर्बी (फैट) और मांसपेशियों की मदद से खुद को बचाए हुए था, लेकिन अब यह भूख उनके जरूरी अंदरूनी अंगों और सिस्टम पर सीधा हमला करेगी। डॉक्टर लांबा ने चेताया कि अब हम तीसरे चरण की दहलीज पर खड़े हैं, जो किसी भी वक्त जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे गंभीर समय में हमारे पास सिर्फ ‘इंतजार करो और देखो’ की रणनीति के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। हम पल-पल की निगरानी कर रहे हैं।

केजरीवाल का दौरा और कोर्ट का दखल

इस बीच, जंतर-मंतर पर सियासी हलचल भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल आज खुद धरना स्थल पर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करेंगे और अपना पूरा समर्थन देंगे। दूसरी तरफ, वांगचुक की जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए कानूनी गलियारों में भी तेजी आ गई है। बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार से तुरंत जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता राकेश कुमार सैनी ने अदालत से मांग की है कि वांगचुक की हालत अत्यंत नाजुक है, इसलिए उनकी जान की रक्षा के लिए तुरंत अदालती आदेश से उन्हें बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें