लखीमपुर के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा के वकील को ‘थर्ड डिग्री’ का डर, रिमांड का किया विरोध

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लखीमपुर कांड के मुख्य आरोपी गृहराज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को रिमांड पर लेने की कोशिशों में एसआईटी लगी है। सोमवार को सीजेएम की अदालत में रिमांड पर सुनवाई हुई। इस दौरान आशीष के वकील ने कहा कि शानिवार को 12 घंटे में 40 से ज्यादा सवालों के जवाब आशीष दे चुके हैं। ऐसे में अब रिमांड की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआईटी थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर आशीष से जुर्म कबूल करवाना चाहती है। फिलहाल सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों ओर की बहस सुनने के बाद अदालत ने फैसले के लिए शाम चार बजे का समय मुकर्रर किया है।

आशीष मिश्रा के रिमांड के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उसकी पेशी के बाद सुनवाई शुरू हुई। कुछ देर के लिए तकनीकी खामियों के कारण सुनवाई रुकी भी। एसआईटी ने आशीष से पूछताछ के लिए उसकी 14 दिन की रिमांड मांगी है। तीन अक्टूबर को लखीमपुर में हुई घटना के बाद शनिवार को आशीष मिश्रा पूछताछ के लिए समन भेजकर बुलाया गया और देर रात गिरफ्तार किया गया था। एसआईटी में शामिल डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पूछताछ के बाद बताया था कि वे (आशीष मिश्रा) सहयोग नहीं कर रहे। अब एसआईटी आशीष को रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती है।  एसआईटी ने आशीष मिश्रा का मोबाइल कब्जे में ले लिया है। इस मोबाइल की भी जांच कराई जा रही है।

पुलिस यह भी जानने की कोशिश करेगी कि इसमें से कोई डाटा या डिटेल से छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तकनीकी तौर पर देखा जाएगा कि तीन अक्तूबर के दिन का कोई डाटा हटा है या नहीं। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि इस मोबाइल में सिम कितने प्रयोग हुए और उनकी लोकेशन क्या रही? इसके अलावा आशीष की राइफल की भी फारेंसिंक जांच कराने की तैयारी में पुलिस है। पुलिस ने मौके से जली हुई थार कार से दो मिस कारतूस बरामद किए थे। अब उस कारतूस के असलहे की तलाश पुलिस कर रही है। मोबाइल के सभी डाटा चेक किए जाएंगे। इसके अलावा आशीष की राइफल भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है। उसकी फारेंसिक जांच में मालूम चलेगा कि इस राइफल का कब से प्रयोग नहीं हुआ। उसके कारतूस कहां हैं?

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