उत्तर प्रदेश के चंदौली से एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिसे पढ़कर आपका दिल भी खुश हो जाएगा. एक मासूम के लिए एसपी चंदौली अमित कुमार फरिश्ता बनकर सामने आए हैं. दरअसल, अपने घर के पास खेलते-खेलते एक 3 साल का बच्चा तालाब में गिरकर बेहोश हो गया. अगर उसे समय से इलाज न मिलता, तो उसकी जान भी जा सकती थी. लेकिन, यह देख एसपी अमित कुमार ने किसी बात की परवाह किए बगैर मासूम को तुरंत अस्पताल पहुंचाया. समय से इलाज मिलने की वजह से बच्चे की जान बच सकी. इतना ही नहीं, एसपी ने बच्चे के बेहतर इलाज के लिए उसे BHU, वाराणसी में एडमिट कराया. अभी बच्चे का इलाज चल रहा है. वहीं, मासूम के परिजनों ने इसके लिए पुलिस अधीक्षक को धन्यवाद दिया है.
जानकारी के मुताबिक, चंदौली के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं. वहीं, इमानदारी से पुलिस प्रशासन चलाने में भी उनका कोई सानी नहीं है. यही नहीं, लोगों का यहा भी कहना है कि पुलिस अधीक्षक आम जन के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं. वहीं, पुलिस को लेकर जनता में जो सोच बनी है, उसे भी बदलने की पूरी कोशिश करते हैं. एसपी का एक ऐसा ही प्रयास इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है. उनके एक्शन की वजह से 3 साल के मासूम की जान बच गई.
जानकारी के अनुसार, सकलडीहा कोतवाली के रतनपुरा गांव में खलते समय धर्मेंद्र राजभर का तीन साल का बच्चा तालाब में गिर गया. जब लोग उसे खोजने निकले, तो देखा कि बच्चा तालाब में गिरा पड़ा है. आनन-फानन में लोगों ने बच्चे को तालाब से निकाला और इलाज के लिए लेकर भागे. इस बीच अलीनगर थाना इलाके के मटकुट्टा गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग था, जहां पर एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी और आवागमन ठप हो गया था. इसी दौरान धर्मेंद्र राजभर अपने बच्चे को लेकर बदहवास अवस्था में पैदल रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे. तभी एसपी अमित कुमार की नजर उनपर पड़ी और उन्होंने परिजनों से रोने की वजह पूछी. इस पर एक महिला ने बताया कि बच्चा खेलते समय तालाब में गिर गया था और बेहोश हो गया है. लेकिन मालगाड़ी बेपटरी होने की वजह से अस्पताल तक जाने का रास्ता नहीं मिल रहा.
बच्चे की बिगड़ती हालत देख एसपी अमित कुमार ने अपनी बोलेरो में बच्चे और उनके परिजनों को बैठाया. एसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों के साथ उन्हें इलाज के लिए तत्काल मुगलसराय भेजा. यहां पर राजकीय महिला चिकित्सालय में बच्चों के डॉक्टर ना होने की वजह से उसे तुरंत ही अलीनगर के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया. इस दौरान पुलिस अधीक्षक अमित कुमार भी अस्पताल पहुंचे और बच्चे का इलाज कर रहे डॉक्टर से उसके बारे में जानकारी ली. इसके बाद परिजनों से हादसे की पूरी जानकारी ली.
इस दौरान सूचना पाकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर तहसील की जॉइंट मजिस्ट्रेट राम्या आर भी पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी ली. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि बच्चे का पूरा इलाज होगा और उनको हर संभव मदद दी जाएगी. बच्चे को बेहतर इलाज के लिए एसपी ने उसे वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मासूम का इलाज चल रहा है और बच्चा खतरे से बाहर है.
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि हम लोग रेलवे क्रॉसिंग पर खड़े थे. कुछ लोग एक बच्चे को लेकर बदहवास अवस्था में घूम रहे थे. हमने तत्काल पुलिस की गाड़ी से बच्चे और उसके परिजनों को अस्पताल भेजा. समय से इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई.









