Chandauli: संभावित बाढ़ नियंत्रण और विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने के लिए चार तहसीलों में मॉक ड्रिल का आयोजन

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Chandauli: उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर 26 जून को जनपद चंदौली की चार तहसीलों में संभावित बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना तथा विभागीय समन्वय को मजबूत करना था।

Chandauli: बाढ़ के दौरान राहत और बचाव के लिए मॉक ड्रिल

मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ की टीमें तथा स्थानीय स्वयंसेवी संगठन शामिल हुए। इस दौरान बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को किस प्रकार सुचारू रूप से संचालित किया जाए, इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

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जनपद चंदौली के गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में संभावित बाढ़ नियंत्रण और विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित हुआ। (Chandauli) इस दौरान बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए पूर्वाभ्यास किया गया। इस मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, पीएसी, पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य एवं नगर पालिका की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

तहसील सदर चंदौली में ग्राम नरहन कला, तहसील चकिया में पितपुर, तहसील सकलडीहा में बलुआ घाट पर एवं तहसील पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर में ग्राम बहादुरपुर में आयोजित हुआ।

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मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ की आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समय से राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना था। ड्रिल के दौरान गंगा एवं गढ़ई नदी में बाढ़ आने की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने, नाव से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने, प्राथमिक उपचार देने और सुरक्षित स्थानों पर शरण दिलाने की कार्यवाही की गई। इस दौरान एनडीआरएफ की टीमों ने नावों के माध्यम से डूब रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन दिखाया। (Chandauli) वहीं मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार देकर घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजने की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया। नदी में डूब रहे लोगों को बचाना सीपीआर देना साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी जागरूक किया गया कि आपदा की स्थिति में किस प्रकार सतर्कता बरतनी चाहिए। इस संयुक्त अभ्यास से आपदा के समय समन्वित रूप से कार्य करने की रणनीति और तंत्र की जांच की गई, जिससे वास्तविक आपदा की स्थिति में किसी भी प्रकार की चूक न हो। उन्होंने टीमों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए समय रहते तैयारी बेहद जरूरी है। इससे प्रशासनिक अमले की दक्षता बढ़ती है और आम जनता को राहत मिलती है।

रिपोर्ट -मिथिलेश गुप्ता

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