Delhi Onion Price 2026: दिल्ली में बढ़ती प्याज की कीमतों से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने राजधानी में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार दिल्ली में 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचने जा रही है। यह कीमत मौजूदा औसत खुदरा कीमत से करीब 36 फीसदी कम है।
वहीं, दिल्ली के कई इलाकों में प्याज की खुदरा कीमत 60-70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। ऐसे में सरकारी बिक्री शुरू होने के बाद आम लोगों को प्याज काफी सस्ता मिल सकता है।
Delhi Onion Price 2026: महाराष्ट्र से दिल्ली पहुंचेगा 800 टन प्याज
सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए महाराष्ट्र में रखे गए बफर स्टॉक का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। प्याज की पहली बड़ी खेप बुधवार को विशेष रेलवे रैक के जरिए दिल्ली पहुंचेगी। ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए करीब 800 टन प्याज राजधानी लाया जा रहा है।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली पहुंचने वाले प्याज को नेफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के स्टोर के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाएगा।
4 और शहरों में भेजा जा रहा प्याज
सरकार सिर्फ दिल्ली में ही प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश नहीं कर रही है। महाराष्ट्र के नासिक में रखे बफर स्टॉक से प्याज की बड़ी मात्रा को चार अन्य प्रमुख खपत वाले केंद्रों तक भी पहुंचाया जा रहा है। इसमें चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकना है। बफर स्टॉक से प्याज जारी होने के बाद बाजार में आपूर्ति का दबाव कम होने की उम्मीद है।
1 महीने में 28 फीसदी से अधिक बढ़ी कीमत
उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक देशभर में प्याज की औसत खुदरा कीमत में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। 25 जुलाई को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 34.80 रुपये प्रति किलो थी, जो 25 अगस्त को बढ़कर 44.72 रुपये प्रति किलो हो गई। यानी एक महीने में कीमत करीब 28 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है।
एक साल पहले 25 अगस्त को प्याज की औसत खुदरा कीमत 28.67 रुपये प्रति किलो थी। इस हिसाब से पिछले एक साल में कीमत में करीब 56 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Delhi की थोक मंडी में भी दोगुने हुए भाव
प्याज की कीमत बढ़ने का बड़ा कारण महाराष्ट्र में हुई बारिश और उससे प्रभावित हुई सप्लाई को माना जा रहा है। बारिश के कारण परिवहन और प्याज की आवक प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर दिल्ली की आजादपुर मंडी पर पड़ा है।
थोक व्यापारियों के मुताबिक प्याज की कीमत पहले करीब 25 रुपये प्रति किलो थी, जो बढ़कर लगभग 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र से सीमित आपूर्ति आने के कारण दिल्ली में प्याज की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है।
व्यापारी अब अलवर और दक्षिणी राज्यों से भी प्याज मंगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वहां भी नई फसल का इंतजार होने के कारण आपूर्ति सीमित बनी हुई है।
खुदरा बाजार में 70 रुपये तक पहुंचा प्याज
दिल्ली के सदर बाजार समेत कई इलाकों में प्याज की खुदरा कीमत 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। महंगे प्याज का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ रहा है। बढ़ती कीमतों के कारण कई ग्राहक अपनी खरीदारी कम करने की बात कह रहे हैं।
दिल्ली में 24 अगस्त को प्याज की औसत खुदरा कीमत 55 रुपये प्रति किलो थी, जबकि एक साल पहले यह करीब 35 रुपये प्रति किलो थी। ऐसे में सरकार द्वारा 35 रुपये किलो प्याज की बिक्री शुरू करने से उपभोक्ताओं को बाजार भाव के मुकाबले बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार के इस कदम का मकसद बफर स्टॉक को बाजार में उतारकर प्याज की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों में तेजी को रोकना है। अगर सरकारी प्याज की पर्याप्त आपूर्ति बाजार तक पहुंचती है, तो दिल्ली में महंगे प्याज से परेशान लोगों को आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है।









