जयंत चौधरी को पुलिस ने बरेली एयरपोर्ट पर रोका, ‘अंतिम अरदास’ में शामिल होने जा रहे थे लखीमपुर

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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में रविवार तीन अक्टूबर को हुई हिंसा में चार किसान समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा के दौरान मारे गए लोगों की आत्मा शांति के लिए अंतिम अरदास का आयोजन मंगलवार 12 अक्टूबर को घटना स्थल पर किया जा रहा है। श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने जा रहे राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के अध्यक्ष जयंत चौधरी को बरेली जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट पर रोक दिया। जयंत चौधरी के रोके जाने से उनके समर्थकों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। ऐसी भी सूचना आ रही है कि एयरपोर्ट पर आरएलडी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई है।

बता दें, किसानों की अंतिम अरदास को देखते हुए सरकार भी लखीमपुर खीरी सहित पूरे पश्चिमी यूपी में अलर्ट मोड में है। प्रदेश सरकार को डर है कि उनकी एक चूक से पश्चिमी यूपी का माहौल बिगड़ सकता है। इसीलिए किसी तरह की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पश्चिमी यूपी में 20 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया है। तो वहीं, किसानों की अंतिम अरदास में शामिल होने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लखीमपुर खीरी के निकल चुकी है। तो इस बीच राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के अध्यक्ष जयंत चौधरी को बरेली जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट पर रोक दिया। जयंत चौधरी के रोके जाने से उनके समर्थकों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। ऐसी भी सूचना आ रही है कि एयरपोर्ट पर आरएलडी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई है।

किसान नेता राकेश टिकैत तिकुनिया में चल रही किसानों की अंतिम अरदास में शामिल होने पहुंच गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ लखीमपुर आने वाले किसानों को जगह-जगह रोका जा रहा है। इसको लेकर किसान आक्रोशित हो रहे हैं। मंच से बार-बार अनाउंस किया जा रहा है कि प्रशासन उन्हें परेशान न करे। दरअसल, संयुक्त किसान मोर्चा ने लखीमपुर खीरी में मारे गए चार किसानों के ‘अंतिम अरदास’ अनुष्ठान को तिकुनिया में 12 अक्टूबर को ‘शहीद किसान दिवस’ के रूप में मनाने का आह्वान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने लोगों से मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों और गुरुद्वारों में प्रार्थना सभा आयोजित करने की भी अपील की।

वहीं, दूसरी तरफ लखीमपुर कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसआईटी के सामने चुनौती होगी कि वो इन्हीं तीन दिनों में लखीमपुर कांड का सच सामने लाए, क्योंकि लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी के बावजूद विपक्ष का हमला कम नहीं हो रहा। तो वहीं, उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी आ रहे है। ऐसा माना जा रहा है कि इस घटना का सीधा असर चुनावों पर पड़ सकता है।

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