जनता दरबार में आवेदन देखते ही मुस्‍कुरा पड़े सीएम नीतीश कुमार, बोले, अरे, आपका भी वही नाम है

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नए साल 2022 के पहले साप्‍ताहिक जनता दरबार में सीएम नीतीश कुमार बिहार के कोने-कोने से आ रहे फरियादियों की शिकायतें सुन रहे हैं। कोई जमीन पर अवैध कब्‍जा की शिकायत कर रहा है तो कोई घर से निकाल देने की। शिकायतें सुनकर कई विभागों को सीएम स्‍वयं फोन लगाकर कार्रवाई का निर्देश देते रहे। इसी क्रम में अररिया से आए एक फरियादी ने कहा कि सरकार ने जमीन अधिग्रहित की। इसमें उसका घर भी चला गया लेकिन भुगतान हो रहा है खेत की दर पर। सीएम ने तुरंत कॉल लगवाकर अधिकारी को इस संबंध में निर्देश दिया। अररिया से ही आए एक युवक ने कहा कि छोटे भाई की हत्‍या 2020 में हुई थी। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए डेढ़ साल से वह मारा-मारा फिर रहा है। सीएम ने फोन पर पुलिस अफसर को कहा कि एक लड़कासमस्‍तीपुर में विधवा महिला को घर में हिस्‍सा नहीं मिलने की शिकायत पर सीएम ने तुरंत संज्ञान लिया। अधिकारी को जरूरी निर्देश दिए। एक महिला ने बताया कि पांच वर्ष पहले जमीन खरीदे। पांच कट्ठा जमीन पर दूसरे ने कब्‍जा कर लिया है। एक फरियादी ने बताया कि 1960 से जमीन केवाला से है। 2016 में बासगीत पर्चा कट जाता है नोटिस भी नहीं आया। 2020 से प्रयास कर रहे हैं। सीएम ने उसे राजस्‍व के पास भेज दिया। सहरसा से आए एक युवक का आवेदन देखते ही सीएम मुस्‍कुरा उठे। उन्‍होंने हंसते हुए कहा कि आपका भी वही नाम है जो मेरा है। उसने कहा जी सर, सीएम ने कहा कि देखिए कुमार तक ही छोड़ देता है। फरियादी जमीन का विवाद लेकर पहुंचा था।  आया है अररिया से। इसके भाई की हत्‍या तीन अक्‍टूबर को हुई थी। अभी तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसको देखवाइए।

मुजफ्फरपुर से आए एक बुजुर्ग  ने कहा कि बेटे का अपहरण हो गया। दो साल से थाने का चक्‍कर लगा रहे हैं। थाना प्रभारी पैसे की मांग करते हैं। सीएम ने तुरंत वरीय पुलिस अफसर को फोन लगवाया। कहा कि, एक सज्‍जन आए हैं, मुजफ्फरपुर से। इनके बेटे का अपहरण हो गया। अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। ऐसा कैसे हो गया। तुरंत दिखवाइए इसको। मुजफ्फरपुर से ही आए एक फरियादी ने बताया कि दबंग मुखिया ने अरबों की  संपत्ति बना ली है। इसकी शिकायत निगरानी में की लेकिन कुछ नहीं हुआ। एक विधान पार्षद ने एक करोड़ लेकर उनकाे बचा लिया है। सीएम ने शिकायतकर्ता को डीजीपी के पास भेज दिया।

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