Lucknow Bulldozer Action: लखनऊ में कचहरी के आसपास बुलडोजर की कार्रवाई ने एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है। एक तरफ नगर निगम अवैध निर्माण (Illegal Construction) हटाने के लिए बुलडोजर चला रहा है, तो दूसरी तरफ वकील (Lawyers) इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। लखनऊ नगर निगम (Lucknow Municipal Corporation) की टीम ने कोर्ट परिसर के पास बने चैंबरों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की तो मौके पर नारेबाजी होने लगी। नाराज वकीलों ने कार्रवाई रोकने की मांग की और चेतावनी दी कि इसका जवाब 2027 में दिया जाएगा।
कार्रवाई के लिए मौके पर 10 बुलडोजर (Bulldozers) लगाए गए हैं, जबकि मलबा हटाने के लिए 10 हाइवा (Hywa Trucks) तैनात किए गए हैं। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल (Police Force) भी मौके पर मौजूद है। नगर निगम की इस कार्रवाई का विरोध कर रहे वकीलों का कहना है कि ध्वस्तीकरण तत्काल रोका जाना चाहिए।
Lucknow Bulldozer Action: 211 चैंबरों को हटाने की तैयारी, पहले ही जारी हुए थे नोटिस
नगर निगम ने पिछले साल सर्वे (Survey) के दौरान 211 चैंबरों को चिह्नित किया था। अधिकारियों के मुताबिक, ये चैंबर नाले और नालियों के ऊपर बनाए गए थे। इन्हें हटाने के लिए संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस (Notice) जारी किए गए थे। नोटिस के खिलाफ आईं 14 आपत्तियों (Objections) का भी निस्तारण किया जा चुका है।
इस कार्रवाई के खिलाफ वकील हाईकोर्ट (High Court) पहुंचे थे, लेकिन उनकी अपील खारिज हो गई। इसके बाद नगर निगम ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। कार्रवाई पहले 11 अक्टूबर को प्रस्तावित थी, लेकिन आपत्तियों के निस्तारण और अदालत में अपील लंबित होने के कारण इसे टाल दिया गया था।
इससे पहले मई से अगस्त के बीच दो चरणों में 72 चैंबर तोड़े जा चुके हैं। अब बाकी चिह्नित निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
पहले सर्वे में मिले थे 241 चैंबर
करीब एक साल पहले हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका (Public Interest Litigation-PIL) के तहत नगर निगम ने कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर, जिला एवं सत्र न्यायालय, निबंधन कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय के आसपास की सड़कों पर बने चैंबरों का सर्वे कराया था। उस समय कुल 241 चैंबर चिह्नित किए गए थे।
बाद में हुई कार्रवाई में 72 चैंबर ध्वस्त किए गए, लेकिन बाकी निर्माणों पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठा था। अब नगर निगम ने शेष चिह्नित चैंबरों को हटाने की प्रक्रिया फिर शुरू कर दी है।
हाईकोर्ट के आदेश पर हट रहा अतिक्रमण
नगर निगम के जोनल अधिकारी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत कचहरी परिसर के बाहर नालों, नालियों, फुटपाथ और सड़क पर बने सभी अवैध निर्माण (Illegal Encroachments) हटाए जा रहे हैं। इस संबंध में संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
फिलहाल, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच वकीलों का विरोध जारी है। एक ओर नगर निगम अदालत के आदेश के अनुपालन और अतिक्रमण हटाने की बात कह रहा है, तो दूसरी ओर नाराज वकीलों ने 2027 में जवाब देने की चेतावनी देकर इस मामले को राजनीतिक रंग भी दे दिया है।









