Uttarakhand Tunnel Accident Rescue: बड़ा अपडेट,उत्तरकाशी टनल हादसे में मंजिल के बहुत करीब बचाव अभियान, मजदूरों के लिए विशेष स्ट्रेचर की व्यवस्था

Uttarakhand Tunnel Accident Rescue: बड़ा अपडेट,उत्तरकाशी टनल हादसे में मंजिल के बहुत करीब बचाव अभियान, मजदूरों के लिए विशेष स्ट्रेचर की व्यवस्था
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Uttarakhand Tunnel Accident Rescue: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने का अभियान अब मंजिल के करीब पहुंच गया है। बुधवार की देर रात लोहे की सलाखों की वजह से ड्रिलिंग के काम में रुकावट पैदा हुई है। फिर स्पेशल कटर और गैस कटर के जरिए इन सलाखों को काटने की कोशिश की गई। ड्रिलिंग के दौरान अगर मशीन की बिट खराब हो गई जिसे ठीक करने के लिए हेलिकॉप्टर से मशीन लाई गई है। सुरंग स्थल पर 40 एंबुलेंस के साथ ही डॉक्टरों की टीम भी तैनात की गई है।

सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए आज का दिन काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि रेस्क्यू ऑपरेशन अब आखिरी चरण में पहुंच गया है। टनल में 51 मीटर तक ड्रिलिंग कर दी गई है और अब मजदूर तक पहुंचने के लिए केवल 12 मीटर की दूरी शेष रह गई है। ऐसे में आज मजदूर को बाहर निकालने की बड़ी खुशखबरी आ सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोजाना राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बचाव अभियान के संबंध में अपडेट ले रहे हैं।7 टेक्नीशियन की टीम सिलक्यारा टनल पहुंची। दिल्ली से हेलीकॉप्टर से टेक्नीशियन उत्तरकाशी पहुंचे। केंद्रीय मंत्री वीके सिंह भी सिलक्यारा टनल पहुंचे हैं।

Silkyara Tunnel Rescue

Uttarakhand Tunnel Accident Rescue: एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम मुस्तैद

रेस्क्यू ऑपरेशन के आखिरी चरण में पहुंचने के मद्देनजर डॉक्टरों की टीम के साथ एंबुलेंस को भी तैयार रखा गया है। एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं और स्ट्रेचर में बेरिंग और पहिया लगाने का काम किया जा रहा है। इसका मकसद यह है कि मजदूरों को लंबे पाइप में क्रॉल न करना पड़े और उन्हें पहिए वाले स्ट्रेचर से सकुशल खींचकर बाहर निकाल लिया जाए। सुरंग स्थल पर मास्क और स्ट्रेचर के साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर, बीपी उपकरण और चिकित्सा के काम में आने वाली अन्य मशीनें भी मौजूद हैं ताकि श्रमिकों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराई जा सके।

30-40 घंटे में मिलेगी खुशखबरी... टनल में फंसे मजदूरों पर आया बड़ा अपडेट

Uttarakhand Tunnel Accident Rescue: मजदूरों के लिए विशेष स्ट्रेचर की व्यवस्था

देहरादून, हरिद्वार और टिहरी से 40 एंबुलेंस सुरंग स्थल पर लाई गई है और इसके साथ ही 15 डॉक्टरों की एक टीम को भी सुरंग स्थल के बाहर ही तैनात किया गया है। जानकारों का कहना है कि अपनी शारीरिक स्थिति के कारण श्रमिक लंबी दूरी तक चलने में असमर्थ होंगे और इसी कारण विशेष पहिए वाले स्ट्रेचर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही बचाव टीम एक विशेष ऑक्सीजन पैक मास्क लेकर सुरंग के भीतर गई है ताकि श्रमिकों को आपात स्थिति में मदद पहुंचाई जा सके।

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Uttarakhand Tunnel Accident Rescue: मजदूरों के लिए 41 बेड का विशेष वार्ड

सूत्रों का कहना है कि यदि आज मजदूर को सुरंग से बाहर निकलने में कामयाबी मिली तो उन्हें यहां से तुरंत चिन्यालीसौड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाएगा। वहां पर 41 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया गया है। इसके साथ ही श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच पड़ताल करने के लिए डॉक्टरों की विशेष टीम भी तैनात की गई है।

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यदि सुरंग स्थल से निकलने के बाद किसी श्रमिक की हालत गंभीर मिली तो उसे उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजने की भी पूरी तैयारी है। उत्तरकाशी के समस्त अस्पतालों के साथ ही एम्स ऋषिकेश को भी आपात स्थिति में चिकित्सा मुहैया कराने के लिए अलर्ट कर दिया गया है। यदि किसी श्रमिक को दूसरे अस्पताल में ले जाने की जरूरत पड़ी तो उसे हेलिकॉप्टर की मदद से दूसरे अस्पतालों में भेजा जाएगा।

https://youtu.be/GNTmYl9UWms?si=6kb7JLLIqyReHHmM

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