Balaghat News: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में फर्जी मेडिकल डिग्री और दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीएमओ के पद पर पदस्थ रहे डॉ. सुनील सिंह के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शासकीय सेवा प्राप्त करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि संबंधित डॉक्टर पिछले तीन-चार महीनों से बिना सूचना दिए ड्यूटी से अनुपस्थित थे।
नाम से लेकर डिग्री तक, दोनों डॉक्टरों का रिकॉर्ड एक जैसा
जांच के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। बालाघाट के बिरसा में पदस्थ रहे डॉ. सुनील सिंह और देवास में पदस्थ दूसरे डॉ. सुनील सिंह के नाम, पिता के नाम, जन्मतिथि, मेडिकल डिग्री, कॉलेज, कोर्स और डिग्री प्राप्त करने का वर्ष एक समान पाए गए। दोनों के सेवा में आने की तारीख में अंतर बताया गया है।
इस समानता के बाद सवाल उठा कि दोनों में वास्तविक डिग्रीधारी डॉक्टर कौन है और किसने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त की।
गृह जिले और रजिस्ट्रेशन के दस्तावेजों में भी अंतर
जांच में सामने आया कि बिरसा में पदस्थ रहे डॉ. सुनील सिंह के मेडिकल कॉलेज और प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों में उनका गृह जिला मुरैना दर्ज था। वहीं, अन्य दस्तावेजों में कभी बालाघाट तो कभी रीवा को गृह जिला बताया गया।
स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध रिकॉर्ड में प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज मिले, जबकि स्थायी रजिस्ट्रेशन से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। दोनों डॉक्टरों के दस्तावेजों में समानता होने के कारण मामले की विस्तृत जांच कराई गई।
राज्यस्तरीय जांच के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की राज्यस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद निष्कर्ष निकाला गया कि बिरसा में पदस्थ रहे डॉ. सुनील सिंह ने देवास में पदस्थ डॉक्टर के नाम से कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर शासकीय सेवा प्राप्त की।
इसके बाद बिरसा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस प्रकरण ने स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति के समय शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल रजिस्ट्रेशन और अन्य प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस जांच में दस्तावेजों की वास्तविकता और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।











