Raebareli News: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर रायबरेली में 10 अक्टूबर 2026 को महिला थाना परिसर के आगंतुक कक्ष में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ रुमा परवीन ने लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए पारिवारिक विवादों के समाधान, आपसी संवाद और रिश्तों में सम्मान के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में महिला थाना प्रभारी एसएचओ पुष्पा शर्मा, दरोगा हंसा भदौरिया और आरक्षक सीमा सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
हर रिश्ते की शुरुआत सम्मान से होती है: रुमा परवीन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ रुमा परवीन ने कहा, “हर रिश्ते की शुरुआत सम्मान से होती है और हर कहानी सुनी जानी चाहिए।” उन्होंने कहा कि किसी की बात को संवेदनशीलता के साथ सुनना और उसकी भावनाओं को समझना रिश्तों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
उन्होंने पति-पत्नी के बीच होने वाले विवादों और पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए आपसी संवाद, धैर्य, सम्मान और भावनात्मक समझ को जरूरी बताया। साथ ही, लोगों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने और समस्याओं पर खुलकर बातचीत करने के लिए प्रेरित किया।
झाड़-फूंक नहीं, विशेषज्ञ से लें परामर्श
रुमा परवीन ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियों पर खुलकर बात करना जरूरी है। मानसिक समस्याओं के समाधान के लिए झाड़-फूंक और अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय योग्य मनोचिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि समय पर उचित सहायता और उपचार मिलने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। ऐसे में मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय उनके बारे में बात करना और जरूरत पड़ने पर पेशेवर मदद लेना महत्वपूर्ण है।
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े भ्रम दूर करने की अपील
कार्यक्रम में लोगों के जीवन अनुभवों को सुनने और उनकी भावनाओं को समझने के महत्व पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञ ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक और भ्रांतियों को दूर करने तथा जरूरत पड़ने पर सहायता लेने से नहीं हिचकिचाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, पारिवारिक रिश्तों में सम्मान और संवाद को प्रोत्साहित करना तथा लोगों को सही समय पर विशेषज्ञ सहायता लेने के लिए प्रेरित करना रहा। वक्ताओं ने स्वस्थ मन, सम्मानपूर्ण रिश्तों और सुखी परिवार को स्वस्थ समाज की आधारशिला बताया।











