Bhilwara News: भीलवाड़ा। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 10 अक्टूबर को भीलवाड़ा जिले में वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में कुल 2,67,103 प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इनमें 40 करोड़ 47 लाख 28 हजार 723 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। लोक अदालत के माध्यम से लंबित मुकदमों और मुकदमा पूर्व मामलों का निस्तारण कर पक्षकारों को राहत प्रदान की गई।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ लोक अदालत का शुभारंभ
भीलवाड़ा मुख्यालय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-03 पवन कुमार काला, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-02 नागेंद्र सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवांगिनी औदिच्य, न्यायिक मजिस्ट्रेट एनआई संख्या-02 हर्षित हाड़ा, बार अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़, लोक अदालत सदस्य शांति लाल जैन, राजेंद्र कचैलिया और पंकज दाधीच ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विभिन्न प्रकृति के समझौता योग्य दीवानी, फौजदारी, पारिवारिक, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी), चेक अनादरण, श्रम, बैंक रिकवरी, उपभोक्ता और राजस्व संबंधी मामलों को सुनवाई एवं समझौते के लिए रखा गया।
2.47 लाख से अधिक मुकदमा पूर्व मामलों का निस्तारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बताया कि जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभय जैन के निर्देशन और मार्गदर्शन में लोक अदालत का आयोजन सफल रहा। कुल 2,67,103 प्रकरणों का निस्तारण हुआ, जबकि 40,47,28,723 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
इनमें मुकदमा पूर्व स्तर के 2,47,936 प्रकरणों का राजीनामे के माध्यम से निस्तारण किया गया। वहीं, न्यायालयों में लंबित 23,505 प्रकरण चिह्नित किए गए, जिनमें से 19,167 मामलों का निस्तारण हुआ। लंबित मामलों में 37 करोड़ 50 हजार 786 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
पूरे जिले में 21 बैंचों के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और अनुभवी अधिवक्ताओं ने पक्षकारों को समझाइश देकर आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण कराया। लोक अदालत में 10 वर्ष पुराने 16 प्रकरणों का भी राजीनामे के जरिए निपटारा किया गया।
बैंक और बिजली बिल के मामलों में मिली राहत
लोक अदालत में बैंक, बीएसएनएल और बिजली विभाग से जुड़े रिकवरी मामलों का भी निस्तारण किया गया। एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, बीएसएनएल, विद्युत विभाग और वित्तीय संस्थानों से संबंधित मामलों में पक्षकारों के बीच समझौते कराए गए।
बिजली बिल से जुड़े मामलों में विद्युत विभाग की ओर से छूट और अन्य लाभ दिए गए, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली। मुकदमा पूर्व स्तर पर ही विवाद समाप्त होने से पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च से बचने का अवसर मिला।
दुर्घटना पीड़ित को मिला 86 लाख रुपये का मुआवजा
राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संख्या-01, भीलवाड़ा में लंबित शोभालाल बनाम गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड एवं अन्य मामले में 86 लाख रुपये के मुआवजे पर समझौता हुआ।
प्रकरण के अनुसार, दुर्घटना में गंभीर चोट लगने के कारण प्रार्थी शोभालाल कोमा में चले गए थे। इसके बाद उनके परिवार की ओर से मुआवजे के लिए दावा पेश किया गया था।
राष्ट्रीय लोक अदालत की बेंच संख्या-02 के अध्यक्ष न्यायाधीश पवन कुमार काला और सदस्य राजेश सामरिया के समक्ष पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता श्रवण लाल कुम्हार तथा बीमा कंपनी के अधिवक्ता अंशुल बंसल ने आपसी सहमति से 86,00,000 रुपये में राजीनामा किया। इसके बाद अवार्ड पारित किया गया।
सफल आयोजन के लिए जताया आभार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों, जिला कलेक्टर, नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन), पुलिस प्रशासन, बार अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़, अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण होने से न्यायालयों में लंबित मुकदमों का बोझ कम करने और आमजन को त्वरित एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई।











