Borewell Accident: चेतना को बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने हर संभव प्रयास तेज कर दिए हैं। इस ऑपरेशन में अब रेटमाइनर्स की भी मदद ली जा रही है। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) के इंचार्ज योगेश मीणा ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान 155 फीट की गहराई पर एक बड़ा पत्थर आ गया था, जिससे खुदाई कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
Borewell Accident: तीन दिन बाद कलेक्टर पहुंचीं
इतनी बड़ी घटना के बाद बावजूद कलेक्टर कल्पना अग्रवाल का मौके पर नहीं होने को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी थी। हालांकि बताया जा रहा है कि कलेक्टर छुट्टी पर गई हुई थीं, लेकिन लोगों का सवाल था कि ऐसी घटनाओं के वक्त कलेक्टर मौके पर नहीं आते हैं तो फिर उनके होने का क्या मतलब है।

3 साल की चेतना को 65 घंटे हो गए
चेतना अभी रेस्क्यू टीमों से करीब 20-30 फीट की दूरी पर है। बुधवार रात 3 बजे रुके रेस्क्यू ऑपरेशन को गुरुवार सुबह 6 बजे से फिर शुरू किया गया है। नीचे की तरफ करीब 150 फीट का गड्ढा खोदने के बाद एक पत्थर आने से काम रुक गया था। बीते करीब 45 घंटे से से चेतना एक देसी जुगाड़ वाले हुक पर अटकी है। खुदाई पूरी होने के बाद रेट माइनर्स की टीम सुरंग खोदेगी। इससे पहले बुधवार सुबह 8 बजे से पाइलिंग मशीन के जरिए एक समानांतर गड्ढा खोदना शुरू किया गया था।
कैसे हुआ था हादसा
दरअसल, सोमवार दोपहर करीब 2 बजे किरतपुर के बड़ियाली की ढाणी की चेतना खेलते हुए 700 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। (Borewell Accident) मंगलवार शाम शाम तक उसे देसी जुगाड़ से निकालने की 4 कोशिश फेल हुई थीं। इसके बाद मशीनों को बुलाया गया। बुधवार से चेताना का कैमरे पर कोई मूवमेंट नहीं दिख रहा। परिवार और ग्रामीणों में रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी को लेकर नाराजगी भी है।
सभी की निगाहें इस रेस्क्यू मिशन पर टिकी हैं, और लोग चेतना की सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।
ये भी पढ़े…बंद मकान में घुसे चोरों को बेंगलुरु से दी पुलिस की चेतावनी , तकनीक की मदद से चोरों को भगाया










