BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स समिट (BRICS Summit 2026) में भाग लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनका विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। जिनपिंग के भारत में कदम रखने के बाद अब उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक (Bilateral Meeting) पर सभी की निगाहें टिकी हैं। दोनों नेताओं के बीच कई बड़े और महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
BRICS Summit 2026: 7 साल बाद भारत आए शी जिनपिंग
शी जिनपिंग लगभग 7 साल बाद भारत की धरती पर पहुंचे हैं। इससे पहले वह साल 2019 अक्टूबर में भारत दौरे पर आए थे। गलवान क्लैश (Galwan Clash) के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। ब्रिक्स समिट के दौरान भारत मंडपम में पीएम नरेंद्र मोदी उनका शानदार स्वागत करेंगे।
बताया गया है कि आज शाम पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होने वाली है। इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
PM Modi और जिनपिंग की मुलाकात पर सबकी निगाहें
गलवान क्लैश के बाद दोनों नेताओं की विदेश में तीन बार मुलाकात हो चुकी है, लेकिन अब शी जिनपिंग का दिल्ली आना बहुत विशेष माना जा रहा है। ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के दौरान होने वाली यह बैठक भारत और चीन के बीच रिश्तों को लेकर महत्वपूर्ण हो सकती है।
China ने भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की बात कही
भारत और चीन के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चीन दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की ओर से तय किए गए फ्रेमवर्क का पालन करना चाहता है।
चीनी राजदूत ने कहा कि चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन पर अमल करने और द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने के लिए भारत के साथ कार्य करना चाहता है। उन्होंने बातचीत बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने और मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने पर भी जोर दिया।
जू फेइहोंग के अनुसार, चीन भारत के साथ अच्छे पड़ोसी और एक-दूसरे की कामयाबी में मददगार साझेदार के रूप में दोस्ती का रिश्ता निभाने के लिए साथ मिलकर काम करना चाहता है। ऐसे में अब PM मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात पर दोनों देशों के संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की उम्मीद है।










