Neela Drum Murder Case: मेरठ की अदालत ने चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में बुधवार को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है। दोनों को मुस्कान के पति और मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी 29 वर्षीय सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी ठहराया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सजा सुनाए जाने के दौरान मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए, जबकि दोनों के परिवार अदालत परिसर में मौजूद थे।
इस मामले में अदालत ने पिछले महीने ही मुस्कान और साहिल को हत्या का दोषी करार दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान कुल 126 बार कार्यवाही हुई और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। जिला न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने माना कि दोनों ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की साजिश रची थी और हत्या के बाद उनके शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में छिपाया था। इसी मामले को नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से जाना जाता है।
Neela Drum Murder Case: मुस्कान कर रही बेटी से मिलने की मांग
वहीं, मुस्कान पिछले तीन से चार दिनों से अपनी सात साल की बेटी से मिलने की मांग कर रही है। हालांकि, पुलिस के मुताबिक बुधवार तक बच्ची को जेल में उससे मिलवाने के लिए नहीं लाया गया था। अदालत के फैसले के बाद अब इस चर्चित मामले में मुस्कान और साहिल को मौत की सजा सुनाई गई है।
126 सुनवाइयों और 22 गवाहों के बयान के बाद आया फैसला
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में सौरभ राजपूत की हत्या के मामले की सुनवाई करीब 13 महीने तक चली। इस दौरान अदालत में 126 बार सुनवाई हुई और अभियोजन पक्ष ने कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। सजा सुनाए जाने से पहले अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ की हत्या का दोषी ठहराया था। सरकारी वकील कृष्ण कुमार चौबे ने दोषी करार दिए जाने के बाद बताया था कि अदालत ने गंभीर अपराधों में उचित सजा दिए जाने की जरूरत पर जोर देते हुए सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का भी उल्लेख किया था।
ड्रम, सीमेंट और चाकू की खरीद से जुड़े लोगों के बयान हुए दर्ज
मुकदमे के दौरान जांच से जुड़े कई अहम पहलुओं को अदालत के सामने रखा गया। अभियोजन पक्ष ने उन लोगों के बयान दर्ज कराए, जिनका संबंध कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल हुए नीले ड्रम, सीमेंट, चाकू और बर्तनों की खरीद से था। इसके अलावा, आरोपियों के अलग-अलग जगहों पर ठहरने की जानकारी जुटाने के लिए होटल के मैनेजरों से पूछताछ की गई और होटल के रिकॉर्ड भी अदालत में पेश किए गए। आरोपियों की आवाजाही से जुड़ी जानकारी के लिए कैब चालकों के बयान भी दर्ज कराए गए।
क्या है मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड?
यह मामला 4 मार्च 2025 को मेरठ में हुई मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची। आरोप था कि हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया। मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में दंपती के घर से शव के अवशेष मिलने के बाद यह मामला सामने आया था। इसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया। शव को छिपाने के कथित तरीके के कारण इस मामले ने काफी चर्चा बटोरी और इसे नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से जाना जाने लगा।
परिवार ने की थी अधिकतम सजा देने की मांग
30 सितंबर को अदालत द्वारा मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराए जाने के बाद सौरभ की मां रेणु देवी और भाई राहुल ने अपनी भावनाएं जाहिर की थीं। परिवार ने कहा था कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है, लेकिन दोनों दोषियों को अधिकतम सजा मिलनी चाहिए। परिवार की यह मांग थी कि सौरभ की हत्या के मामले में अदालत सख्त फैसला सुनाए।
जेल में परेशान थे मुस्कान और साहिल
दोषी करार दिए जाने के बाद जेल अधिकारियों ने बताया था कि मुस्कान और साहिल परेशान नजर आ रहे थे और कम खाना खा रहे थे। उनकी स्थिति को देखते हुए जेल में काउंसलिंग सत्र भी कराए गए। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, मुस्कान अपनी छोटी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित थी। उसकी बेटी उस समय जेल में उसके साथ रह रही थी। इस तरह नीला ड्रम हत्याकांड में लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई।









