Rafale deal: आज भारत और फ़्रांस के बीच 63,000 करोड़ की डील पर मुहर लगी है। यह डील भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन विमान खरीदने के लिए हुई है। इस विमान के लिए दोनों देशों के बीच 63,000 करोड़ रुपये के बड़े सौदे पर हस्ताक्षर हुए। आज हस्ताक्षर के समय भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया। (Rafale deal) इस मौके पर सेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल के स्वामीनाथन भी मौजूद थे। जानकारी के लिए बता दें कि आज हुए इस समझौते के बाद भारतीय नौसेना में 22 सिंगल-सीट और 4 ट्विन-सीट विमान शामिल होंगे। ये सभी जेट आईएनएस विक्रांत पर तैनात किए जाएंगे। इस विमान के भारत में आ जाने से इंडियन नेवी काफी ज्यादा ताकतवर हो जाएगी। (Rafale deal) पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की इस डील से पडोसी मुल्क डरा हुआ है। क्योंकि 1971 की जंग में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी थी।

Rafale deal: क्या है राफेल मरीन फाइटर जेट
राफेल मरीन एक मल्टीलेयर फाइटर जेट है। इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है। इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है। इसके बीच में हवा में रीफ्यूलिंग भी हो सकती है। जिसके कि इसे रेंज और ज्यादा बढ़ जाएगी। इस राफेल के आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे।
इस फाइटर जेट को एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए सबसे बढ़िया माना जा रहा है। इसके अंदर प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें भी लगा सकते हैं। जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी। भारत में 26 राफेल आने के बाद से हमारी नौसेना चारो तरफ से सुरक्षित हो जाएगी।














