Sawan 2025: अद्भुत! भारत ही नहीं, इन चार देशों में भी सावन में नहीं खाया जाता नॉनवेज

Facebook
X
WhatsApp
image 239

Sawan 2025: हिंदू धर्म में सावन माह में विशेष महत्व है। सावन माह में भगवान शिव का व्रत और पूजन किया जाता है। सावन को लेकर यह मान्यता प्रचलित है कि इस माह में पवित्रता का ध्यान रखा जाए। भारत में बड़ी संख्या में लोग एक माह तक चलने वाले सावन माह में मांसाहार से दूर रहते हैं। (Sawan 2025) सावन में मांसाहार त्यागने के पीछे धार्मिक तर्क यह है कि यह माह भगवान शिव को बेहद प्रिय है। ऐसे में इस माह मांसाहार नहीं करना चाहिए।

लेकिन आपको यह जानकर बेहद हैरानी होगी कि भारत ही नहीं दुनिया में चार देश और भी हैं जहां सावन माह में मांसाहार का सेवन नहीं किया जाता है। (Sawan 2025) धार्मिक ही नहीं सांस्कृति वजहों से भी इन चार देशों में सावन में मांसाहार पर पाबंदी रहती है। भारत के अलावा थाईलैंड, श्रीलंका, म्यांमार और नेपाल में भी सावन में एक बड़ी आबादी मांसाहार को त्याग देती है।

Also Read –Air India Flight Returns to Calicut: कालीकट से दोहा जा रही एयर इंडिया फ्लाइट में आई तकनीकी गड़बड़ी, 2 घंटे बाद वापस लौटे विमान

Sawan 2025: थाईलैंड

यूं तो थाईलैंड के लोग नॉनवेज खाने के लिए फेमस हैं लेकिन यहां सावन और फिर सितंबर-अक्टूबर माह में नॉनवेज के सेवन में कमी आ जाती है। क्योंकि थाईलैंड में इन तीन माह के दौरान वेजिटेरियन फेस्टिवल मनाया जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक थाईलैंड में लगभग 75 से 80 फीसदी लोग रोजाना मांसाहार का सेवन करते हैं। (Sawan 2025) लेकिन वेजिटेरियन फेस्टिवल के दौरान 70 से 80 फीसदी लोग पूरी तरह से शाकाहारी हो जाते हैं। इन तीन माह में खास तौर से चीनी मूल के थाई लोग पूरी तरह से शाकाहार अपना लेते हैं। इस दौरान मांस ही नहीं, लोग प्याज, लहसुन और शराब से भी दूरी बना लेते हैं।

Also Read –Bigg Boss 19 News: बिग बॉस 19 के लिए सलमान खान ने ली मोटी रकम, तो वहीं नजर आएंगे ये कंटेस्टेंट

श्रीलंका

श्रीलंका में अधिकतर आबादी बौद्ध धर्म की प्रर्वतक है। श्रीलंका में जुलाई से लेकर अक्टूबर माह तक वसाया काल होता है। इन चार माह के दौरान बौद्ध भिक्षु मठों में आते हैं और उपासक संयम का पालन करते हैं। (Sawan 2025) इसीलिए श्रीलंका के लोग इन चार माह के दौरान मांसाहार छोड़ देते हैं। ग्लोबल डाइट क्वालिटी प्रोजेक्ट के अनुसार श्रीलंका में लगभग 75 फीसदी लोग हर रोज मांसाहार करते हैं लेकिन इन चार माह में इस संख्या में 30 से 40 फीसदी गिरावट दर्ज की जाती है।

नेपाल

नेपाल भारत का पड़ोसी देश है। ऐसे में नेपाल की संस्कृति बहुत हद तक भारत से मिलती जुलती है। ऐसे में नेपाल में भी लोग सावन माह के दौरान नॉनवेज का सेवन नहीं करते है। इसके साथ ही वहां नवरात्रि के अवसर पर भी लोग मांसाहार त्याग देते हैं। भारत की तरह ही नेपाल के लोग भी सावन और नवरात्रि के दौरान नॉनवेज नहीं खाते हैं।

म्यामांर

म्यामांर में भी बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग काफी ज्यादा हैं। यहा भी जुलाई से अक्टूबर माह तक के दौरान एक बड़ी आबादी मांसाहार का सेवन नहीं करते हैं। फूड नेविगेटर के अनुसार म्यांमार की लगभग 70 से 80 फीसदी आबादी नॉनवेज का सेवन करती है। लेकिन जुलाई से अक्टूबर माह तक 20 से 40 प्रतिशत लोग नॉनवेज छोड़ देते हैं।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें