UP Congress News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस (Uttar Pradesh Congress) में प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के बीच चल रहा आंतरिक शक्ति संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता स्पष्ट रूप से नज़र आने लगा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम अजय राय के स्थान पर अब किसी ब्राह्मण चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पक्ष में हैं।
वहीं, पार्टी के कुछ नेता मुस्लिम नेतृत्व की पैरवी कर रहे हैं। ऐसे में अब सभी की निगाहें कांग्रेस आलाकमान और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के निर्णय पर टिकी हुई हैं।
UP Congress News: अजय राय को हटाने पर क्यों फंसा पेंच ?
अजय राय (Ajay Rai) को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की स्थिति में भूमिहार समुदाय के नाराज होने के खतरे के तौर पर देखा जा रहा है। इसी कारण से अध्यक्ष बदलने का निर्णय फिलहाल आगे नहीं बढ़ पा रहा है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक यदि राहुल गांधी प्रदेश अध्यक्ष में परिवर्तन को मंजूरी देते हैं तो कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना तिवारी उर्फ मोना (Aradhana Tiwari Mona) का नाम सबसे मजबूत दावेदार के तौर पर सामने आ रहा है।
पहला विकल्प आराधना तिवारी उर्फ मोना
प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam) ने आलाकमान के सामने पहला विकल्प आराधना तिवारी उर्फ मोना को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का रखा है। वह फिलहाल रामपुर खास सीट से विधायक हैं और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता भी हैं। वह राज्यसभा में उपनेता और प्रभावशाली नेता प्रमोद तिवारी (Pramod Tiwari) की बेटी हैं
आराधना तिवारी ब्राह्मण और महिला दोनों वर्गों का प्रतिनिधित्व करती हैं। रामपुर खास सीट लगभग 45 सालों से प्रमोद तिवारी और अब उनकी बेटी के पास है। यही कारण है कि पार्टी के अंदर उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मजबूत विकल्प माना जा रहा है।
दूसरा विकल्प मुस्लिम नेता को अध्यक्ष बनाना
दूसरे विकल्प के तौर पर अजय राय के स्थान पर किसी मुस्लिम नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की चर्चा है। इस दौड़ में दानिश अली (Danish Ali), इमरान मसूद (Imran Masood), इमरान प्रतापगढ़ी (Imran Pratapgarhi) और नदीम जावेद (Nadeem Javed) के नाम शामिल हैं।
इस विकल्प के माध्यम से कांग्रेस दलित-मुस्लिम गठजोड़ पर दांव लगाने का पूरा प्रयास कर सकती है। हालांकि, पार्टी के अंदर यह आशंका भी है कि मुस्लिम चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से भाजपा ध्रुवीकरण की राजनीति में कामयाब हो सकती है।
तीसरा विकल्प अजय राय के साथ वर्किंग प्रेसिडेंट
तीसरे विकल्प के तौर पर यदि चुनाव नजदीक होने की वजह से प्रदेश अध्यक्ष बदलने का निर्णय नहीं लिया जाता है तो अजय राय को पद पर बनाए रखते हुए मुस्लिम, दलित या ब्राह्मण समुदाय से वर्किंग प्रेसिडेंट (Working President) नियुक्त किए जा सकते हैं। इससे अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को साधने का प्रयास किया जा सकता है।
Rahul Gandhi गांधी के फैसले से स्पष्ट होगी तस्वीर
अब आखिरी निर्णय राहुल गांधी के हाथ में है। वह इन तीनों विकल्पों में से किसी एक को चुन सकते हैं या फिर मौजूदा व्यवस्था को ही बनाए रखने का निर्णय कर सकते हैं। फिलहाल कांग्रेस के अंदर यह धारणा मजबूत है कि यदि प्रदेश अध्यक्ष बदला गया तो आराधना तिवारी उर्फ मोना का नाम सबसे आगे रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में संगठन सृजन (Organizational Restructuring) अभियान के अंतर्गत हर स्तर पर नियुक्तियां तय हो चुकी हैं। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष के निर्णय को लेकर अभी हर स्तर से लेकर जिलाध्यक्षों तक की नियुक्तियां घोषित नहीं की गई हैं। ऐसे में आगामी इस पखवाड़े में उत्तर प्रदेश कांग्रेस की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट होने की पूरी संभावना है।









