ग्रामीण इलाकों में अब नहीं रुकेगी बच्चों की पढ़ाई, ISRO की मदद से क्लासरूम में लगाए जाएंगे सैटेलाइट TV

Facebook
X
WhatsApp

कोरोना वायरस को लेकर देश में पहली बार लगाए गए पूर्ण लॉकडाउन के बाद से ही देश में स्कूली शिक्षा सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी है। बीते दो सालों में स्कूल ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से ही बच्चों का सिलेबस पूरा कहा रहे हैं, यहां तक कई यहां तक कि एग्जाम भी ऑनलाइन हो रहे हैं। इस बीच जो बच्चे किसी वजह से ऑनलाइन शिक्षा से वंचित हैं उनके लिए भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो भारत सरकार के साथ मिलकर बड़ा अभियान चलाने जा रहा है।

ग्रामीण भारत के स्कूलों को अब डिजिटल बनाने की कोशिश में इसरो भारत सरकार के साथ मिलकर सैटेलाइट टीवी क्लासरूम स्थापित करने में मदद करने के लिए अपनी सहमति दे दी है। भारत सरकार और इसरो के इस संयुक्त अभियान से कोरोना वायरस काल में भी ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वाले बच्चे ऑनलाइन क्लास ले पाएंगे। कई पिछड़े इलाकों में इंटरनेट और अन्य सुविधाओं की कमी के चलते वहां के बच्चों की शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ा है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति को इस संबंध में तकनीकी सहायता की पेशकश करने के लिए मंजूरी दे दी ताकि देश में शिक्षा और टेक्नॉलजी के बीच की खाई को पाटने में मदद मिल सके। इस संबंध में इसरो के वैज्ञानिकों ने समिति के समक्ष ग्रामीण स्कूलों की क्लास में सैटेलाइट टीवी लगाने को लेकर एक प्रजेंटेशन भी दिया था। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक इसरो के वैज्ञानिकों ने 3 जुलाई को हुई बैठक में भाग लिया और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) व दूरदर्शन के अधिकारियों के सामने छात्रों के लिए सैटेलाइट टीवी के विकल्प पर चर्चा की।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें