बरेली : थानेदार ने ग्राम प्रधान से वाट्सएप पर मांगा 50 हजार का फोन, शिकायत पर एसएसपी ने थाने से हटाया

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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक थानेदार को ग्राम प्रधान से मोबाइल की फरमाइश करना भारी पड़ गया। दरअसल, ग्राम प्रधान ने थानेदार द्वारा मोबाइल फोन मांगने की शिकायत एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से कर दी। फिर क्या था, एसएसपी ने थानेदार को लाइन हाजिर कर दिया।

वहीं, अब इस मामले सीओ तृतीय की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद थाने को निलंबित करने की प्रक्रिया चल रही है। दरअसल, भोजीपुरा की ग्राम पंचायत रूपपुर के प्रधान नाजिम अली और पूर्व प्रधान खुशबू अली के बीच लंबे समय से चुनावी रंजिश चल रही है। नाजिम का आरोप है कि चुनाव हारने के चलते खुशबू अली ने उन्हें और उनके समर्थकों को पीटा, लेकिन पुलिस ने सिर्फ एनसीआर दर्ज की। मेडिकल में गंभीर चोटें मिलने के बाद भी मुकदमे में धाराएं नहीं बदली गईं।

उन्होंने गंभीर घटना होने की आशंका जताते हुए इंस्पेक्टर भोजीपुरा से कार्रवाई करने को कहा तो उन्होंने मोबाइल की फरमाइश कर दी।नाजिम अली के मुताबिक, पहले तो उन्होंने मोबाइल देने की हामी भी भर दी, लेकिन जब इंस्पेक्टर ने मोबाइल का मॉडल बताया तो उसकी कीमत 50 हजार रुपए निकली। प्रधान का आरोप है कि इतना महंगा मोबाइल देने में उन्होंने असमर्थता जताई तो भोजपुरा थाना इंचार्ज अशोक कुमार सिंह उन्हें धमकाने लगे।

उन्होंने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से शिकायत की। इतना ही नहीं, उन्होंने भोजपुरा एसएचओ के मोबाइल फोन का स्क्रीन शॉर्ट भी वायरल कर दिया। जिसमें वो मोबाइन फोन का मॉडल बता रहे है। थाना इंचार्ज अशोक कुमार द्वारा 50 हजार रुपए का मोबाइल फोने रिश्वत के रुप में मांगने का मामला सामने आया तो एसएसपी ने मामले की जांच एएसपी/सीओ तृतीय साद मियां खान को सौंपी दी। शनिवार को एएसपी ने प्रधान के बयान दर्ज किए। इसके अगले दिन रविवार शाम को एसएसपी ने इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी ने बताया कि एएसपी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद इंस्पेक्टर के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

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