मेरठ में अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लि. का शामली के कैराना के कांधला रोड पर स्थित मीम एग्रो फूडस प्राइवेट लि. से कनेक्शन पुलिस को मिल गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के परिवार ने सलीम के साथ मिलकर इस मीट फैक्ट्री को किराए पर लिया था। दरअसल, 2019 में अल फहीम मीटेक्स फैक्ट्री बंद हो गई थी। उस समय शामली से याकूब ने कारोबार को चलाया। बाद में अल फहीम में काम शुरू हुआ तो शामली में कटान का काम शुरू कर दिया था।
शामली से मीट के पैकेट अल फहीम में आते थे। इसलिए अल फहीम के अंदर मीम एग्रो के पैकेट मिले है। पुलिस जांच कर रही है कि याकूब का इस फैक्ट्री में कोई शेयर तो नहीं है। क्योंकि शमजिदा बेगम इस कंपनी की निदेशक है, यहां शमजिदा बेगम के पति का नाम याकूब नहीं है, जिस शमजिदा बेगम का नाम निदेशक के पद पर दिया है। पुलिस की एक टीम उससे पूछताछ के लिए बनाई गई है। ताकि पता चल सकें की याकूब का फैक्ट्री से क्या कनेक्शन है।
31 मार्च को हापुड रोड स्थित अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लि. मीट फैक्ट्री में छापामारी कर करीब पांच करोड़ कीमत का मीट पकड़ा था। मीट अभी भी फैक्ट्री के अंदर फ्रीज में रखा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में याकूब कुरैशी, उनकी पत्नी शमजिदा, बेटा फिरोज और इमरान, मैनेजर मोहित त्यागी समेत 17 आरोपित बनाए है। याकूब कुरैशी, फिरोज, इमरान और मैनेजर मोहित त्यागी की अग्रिम जमानत निरस्त कर दी गई थी। पत्नी शमजिदा को जमानत मिल गई थी। उनके बयान भी पुलिस ने दर्ज कर लिए है।
सभी निदेशकों को रिकार्ड निकाला
वहीं एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि पुलिस शामली के कैराना स्थित मीम एग्रो फूडस प्राइवेट लि. की जांच कर रही है। इस कंपनी के सभी निदेशकों को रिकार्ड निकाला गया है। अभी तक जांच में आया कि फैक्ट्री को याकूब के परिवार ने किराए पर लिया था। पुलिस पूरे मामले की विस्तार से जांच कर रही है। देखा जा रहा हे कि इस फैक्ट्री का संचालन किस आधार पर किया जा रहा था।









