यूपी: बागपत में मुर्दों का कफन चुराने वाले, पुलिस ने सात चोरों को किया गिरफ्तार

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कोरोना काल में एक ओर जहां श्मशान घाट लाशों से अटे पड़े हैं. वहीं दूसरी तरफ श्मशान घाट से ही एक इंसानियत को तार-तार कर देने वाली सनसनीखेज खबर सामने आई है. पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का राजफाश किया है जो श्मशान घाट से मुर्दों के कफन और कपड़े चोरी कर लेता था. बाद में उन्हें नया कर बाजार में दुकानों पर बेच देता था. आरोपियों में एक कपड़ा व्यापारी भी है जो इस घिनौने धंधे का सरगना है. पुलिस ने सात बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी संख्या में चद्दर, कुर्तें, कमीज, धोती, शॉल आदि सामान बरामद किया है.

पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी रात के समय श्मशान घाट से कफन और दूसरे कपड़े चोरी कर ले आते थे. उसके बाद उन कपड़ों की धुलाई कर उन पर ग्वालियर कंपनी के स्टीकर लगा देते थे. कपड़े एकदम नया दिखे, इसलिए रिबन और स्टीकर लगाकर पैकिंग कर देते थे. उसके बाद कफन और दूसरे कपड़े बाजार में बेच देते थे. श्मशान घाट आजकल कोरोना पॉजिटिव लोगों के शवों से अटे पड़े हैं, इसलिए वहां पड़े कफन और दूसरे कपड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.

पुलिस ने इस मामले में प्रवीण कुमार और उसका बेटा आशीष जैन, भतीजा ऋषभ जैन, श्रवण कुमार शर्मा, राजू शर्मा, बबलू, शाहरूख खान नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 520 सफेद व पीली चादर, 127 कुर्तें, 140 सफेद कमीज, 34 धोती, 12 रंगीन गर्म शॉल, 52 रंगी-बिरंगी धोती, तीन रिबन के पैकेट, 158 रिबन ग्वालियर व 122 ग्वालियर कंपनी के स्टीकर बरामद किए हैं

गिरोह का सरगना प्रवीण कुमार जैन हैं और इसकी ही शहर में कपड़े की दुकान है. कपड़ों का स्टॉक आरोपी के घर से बरामद हुआ है. कपड़ों के ऊपर पोस्टमार्टम के लिए जिनमें शवों को ले जाते हैं वह बैग भी रखे हुए हैं. इस काम में इसने अपने बेटे, भतीजे और चार लोगों को यह काम करने के लिए रख रखा था. आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अदालत में पेश किया गया है. पुलिस अब इस बात की पड़ताल में लगी हुई है कि गिरोह ने मुर्दों के कपड़े कहां-कहां बेचे और और किन-किन दुकानों से वह कपड़े बेचे जाने हैं.

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