रायबरेली : केंद्र सरकार ने गांव के संपर्क मार्गो को मुख्य मार्गो से जोड़ने के लिए गांव की कच्ची सड़कों को पक्का करने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत ना हो लेकिन वही इस योजना को मुंह चिढ़ाते डलमऊ ब्लॉक की कन्हा बिलानी संपर्क मार्ग पूरी तरह से खराब पड़ी है जिस पर ना तो किसी मंत्री विधायक सांसद जनप्रतिनिधि और ना ही किसी विभागीय अधिकारी की नजर पड़ रही है जबकि सड़कों की मरम्मत के लिए सरकार द्वारा प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का बजट जारी किए जाते हैं लेकिन फिर भी इस संपर्क मार्ग की मरम्मत के लिए विभाग द्वारा कोई भी कार्य नहीं किया जाता इस संपर्क मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों वाह हल्के एवं भारी वाहनों का आवागमन लगा रहता है ग्रामीणों द्वारा इस संपर्क मार्ग की मरम्मतीकरण एवं नवीनीकरण के लिए मंत्री विधायक जनप्रतिनिधियों से लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों के दरवाजे खटखटा कर सड़क बनवाने की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्य नहीं किया गया ऐसा लगता है सभी आंखों में पट्टी एवं कान में उंगली डालकर बैठे हैं।
सरकार द्वारा सड़कों की मरम्मत के लिए जारी बजट सिर्फ फाइलों में ही दिखाई पड़ता है प्रदेश की सरकार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा तू करती है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रहा है कनहा बेलाहनी संपर्क मार्ग की दुर्दशा ऐसी है की मार्ग में केवल गड्ढे ही गड्ढे दिखाई पढ़ते हैं ऐसे में राहगीरों को जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है आपातकालीन एवं रात्रि में चलने वाले राहगीरों के लिए यह मार्ग मौत के कुआं की तरह है इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूल कॉलेज के लिए जाने वाले बच्चों का आवागमन रहता है वह घर से साफ-सुथरे बनकर तो निकलते हैं लेकिन मुख्य मार्ग तक पहुंचने से पहले ही वह धूल मिट्टी से लद जाते हैं निर्माण विभाग की लापरवाही की वजह से ग्रामीणों को यह दुर्दिन देखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है ऐसा लगता है विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में है
समाजसेवी सोनू यादव ने बताया कि विगत कई वर्षों से हम सभी ग्रामीण वासी इस समस्या से जूझ रहे हैं कई बार सड़क की हालत से लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया सभी ने आश्वासन तो दीया लेकिन सड़क का निर्माण नहीं हो पाया लोकसभा चुनाव के दरमियान समाजसेवी सोनू यादव की अगुवाई में सैकड़ों ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं की तख्तियां लेकर एवं नारेबाजी कर चुनाव का बहिष्कार किया उच्चाधिकारियों तक के बाद पहुंची तो वह आनन-फानन में गांव पहुंच कर ग्रामीणों को शांत कराया और आश्वासन देकर चले गए लेकिन फिर भी आज तक रोड का निर्माण नहीं किया जा सका।
रिपोर्ट: रामसुमेर









