लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गुरुवार को एसआईटी की टीम आशीष मिश्र टेनी और अन्य आरोपियों के साथ घटनास्थल पर ‘सीन रिक्रिएशन’ करने के लिए पहुंची। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को तीन दिन की रिमांड पर लिया है। उसकी रिमांड का आज अंतिम दिन है। एसआईटी को बुधवार को आशीष के साथी अंकित दास की तीन दिन की रिमांड मिली है।
एसआईटी की टीम ने गुरुवार सुबह पहले मुख्य आरोपी मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा का अन्य तीन आरोपितों से सामना कराया। इसके बाद एसआईटी सभी को लेकर उस जगह पर पहुंची, जहां 3 अक्टूबर को घटना हुई थी। एसआईटी की टीम घटना से जुड़े सभी चारों आरोपियों को लेकर ‘सीन रीक्रिएशन’ कराएगी। इस दौरान एसआईटी ये समझने की कोशिश करेगी कि घटना वाले दिन कैसे-कैसे क्या-क्या हुआ। यह सब पता करने के लिए एसआईटी के मुखिया डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल, बाराबंकी पीएसी के सेनानायक आईपीएस सुनील कुमार सिंह सीओ संजय नाथ तिवारी अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह घटनास्थल पर पहुंचे हैं।
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 4 किसान, बीजेपी कार्यकर्ता, एक ड्राइवर और एक स्थानीय पत्रकार शामिल है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ट्रेनी के पुत्र आशीष मिश्रा इस केस में मुख्य आरोपी हैं। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आशीष मिश्रा ने ही थार जीप से किसानों को कुचला है। वहीं, आशीष मिश्रा ने इसे गलत बताते हुए सफाई है कि वह वहां मौजूद ही नहीं थे।
बता दें, बुधवार को सीजेएम कोर्ट ने मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा टेनी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था। आशीष मिश्रा के वकील ने उसके घटनास्थल पर मौजूद नहीं होने को आधार बनाते हुए जमानत अर्जी दाखिल की थी। इसके खारिज होने के बाद वकील अब जिला जज की कोर्ट में जमानत अर्जी डालने की तैयारी कर रहे हैं।









