Avimukteshwaranand Controversy: 11 दिन बाद शंकराचार्य का बड़ा फैसला! योगी सरकार पर फिर बरसेंगे, माघ मेले से विदाई पक्की?

Facebook
X
WhatsApp

Avimukteshwaranand Controversy: प्रयागराज से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। माघ मेले में बीते कई दिनों से धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आज दोपहर मेला क्षेत्र छोड़ देंगे। जानकारी के मुताबिक, शंकराचार्य आज सुबह करीब 11 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे, जिसमें वह अपने अगले कदम और पूरे विवाद पर अपना पक्ष रख सकते हैं।

Avimukteshwaranand Controversy: 11वें दिन भी धरने पर रहेंगे शंकराचार्य

गौरतलब है कि शंकराचार्य का धरना आज 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है। (Avimukteshwaranand Controversy) मौनी अमावस्या पर स्नान स्थल को लेकर प्रशासन के साथ हुई तनातनी के बाद उनकी नाराजगी बढ़ गई थी। इसके बाद से ही वह लगातार मेला क्षेत्र में धरने पर बैठे हुए हैं।

Also Read –Ajit Pawar: प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन, लैंडिंग के दौरान बारामती में हुआ हादसा, जलकर राख हुआ पूरा विमान

धरने के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी कड़े सवाल खड़े किये। (Avimukteshwaranand Controversy) उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का अहंकार बढ़ गया है और वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग मनमानी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे संत समाज में नाराजगी बढ़ रही है।

संत और धार्मिक नेता पहुंचे प्रयागराज

इस बीच शंकराचार्य के समर्थन में कई संत और धार्मिक नेता भी प्रयागराज पहुंचने लगे हैं। कंप्यूटर बाबा भी मेला क्षेत्र में पहुंचे और उन्होंने संतों के साथ मिलकर हठयोग शुरू किया। कंप्यूटर बाबा ने आरोप लगाया कि सरकार संत समाज को बांटने का प्रयास कर रही है और सनातन धर्म को कमजोर किया जा रहा है।

Also Read –Kumar Vishwas on UGC 2026: “मैं अभागा सवर्ण हूँ…” UGC पर कुमार विश्वास शायराना अंदाज, चार पंक्तियों में सरकार को लिया आड़े हाथों

माघ मेले में शंकराचार्य का अनशन और धरना लगातार गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है। (Avimukteshwaranand Controversy) हालांकि, प्रशासन और संत समाज के बीच अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। लगातार 10 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विवाद जस का तस बना हुआ है।

अब शंकराचार्य द्वारा मेला क्षेत्र छोड़ने के फैसले को इस आंदोलन का बड़ा मोड़ माना जा रहा है। देखना होगा कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या ऐलान होता है और क्या सरकार तथा संत समाज के बीच कोई समझौता संभव हो पाता है। बता दे, प्रयागराज माघ मेले में चल रहा यह विवाद फिलहाल प्रदेश की राजनीति और धार्मिक जगत दोनों में हलचल पैदा कर रहा है।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें