Abhinandan Varthaman Quit IAF: साल 2019 में सीमा पार जाकर दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले देश के जांबाज सपूत ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना से अपनी राहें अलग कर ली हैं। हालांकि इस विषय पर सैन्य स्तर पर कोई ढोल नहीं पीटा गया है और न ही किसी प्रकार का आधिकारिक बयान जारी किया गया है। लेकिन रक्षा मामलों से जुड़े सूत्रों का दावा है कि भारत के इस वीर सेनानी ने अब व्यावसायिक उड़ानों की दुनिया में कदम रख दिया है और वे एक निजी एयरलाइन के साथ जुड़कर अपनी नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
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Abhinandan Varthaman Quit IAF: गोपनीय तरीके से वायुसेना से लिया सेवानिवृत्ति
मामले की जानकारी रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अभिनंदन वर्धमान ने 31 मार्च को ही भारतीय वायुसेना को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। सेवामुक्त होने के तुरंत बाद वे गोवा में मुख्यालय वाली बजट एयरलाइन ‘फ्लाई91’ (Fly91) से जुड़ चुके हैं। (Abhinandan Varthaman Quit IAF) हालांकि, इस निजी विमानन कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपने कर्मचारियों की निजता का हवाला देते हुए उनकी भूमिका पर विस्तृत जानकारी साझा करने से परहेज किया है। साल 2024 से परिचालन शुरू करने वाली यह कंपनी मुख्य रूप से क्षेत्रीय मार्गों पर अपने विमानों का संचालन करती है।
जब मिग-21 से मार गिराया था दुश्मन का F-16
अभिनंदन वर्धमान का नाम हर भारतीय के दिल में उस समय रच-बस गया जब 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकी हमले का जवाब देने के लिए भारत ने बालाकोट में हवाई हमला किया था। (Abhinandan Varthaman Quit IAF) अगले ही दिन पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन अपने पुराने मिग-21 बाइसन विमान के साथ आसमान में उतरे और पाकिस्तान के अत्याधुनिक एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया। इस अदम्य साहस के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और वे सीमा पार जा गिरे, जहां से 60 घंटे के भीतर भारत ने उन्हें सकुशल वापस लाया था।
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‘वीर चक्र’ से हुए थे सम्मानित
हवाई युद्ध में अद्भुत सूझबूझ और मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च समर्पण दिखाने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2021 में अभिनंदन वर्धमान को देश के तीसरे सर्वोच्च युद्धकालीन सैन्य सम्मान ‘वीर चक्र’ से अलंकृत किया था। (Abhinandan Varthaman Quit IAF) वे भारतीय सेना के साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक बन गए थे। अब सैन्य वर्दी को उतारकर नागरिक उड़ानों की कमान संभालने का उनका यह नया सफर भी देशवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।










