गाजियाबाद : बुजुर्ग के साथ मारपीट व अभद्रता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले ट्विटर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इतना ही नहीं, ट्विटर के अलावा नौ अन्य लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने इन सभी पर यह एफआईआर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने और धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में दर्ज की है।
हालांकि, बुजुर्ग के साथ मारपीट की यह घटना करीब 10 दिन पहले की बताई जा रही है, लेकिन सोमवार को वीडियो वायरल के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में संज्ञान लेते हुए लोनी बार्डर कोतवाली पुलिस ने मुकदमे में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा बढ़ाते हुए पांच आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
वहीं, इस मामले में गाजियाबाद पुलिस ने जुबेर अहमद, राना अय्यूब, द वायर, सलमान निजामी, मसकूर उस्मानी, डॉ समा मोहम्मद, सबा नकवी के साथ ट्विटर INC, और ट्विटर कम्युनिकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इन पर IPC की धारा 153,153A, 295A, 505,120B और 34 में केस दर्ज किया गया है। यानी धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इन पर आरोप है कि सभी ने गलत सूचना को बिना सत्यापित किए प्रसारित करने का काम किया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ईराज राजा ने बताया कि तथ्यों के आधार पर इन सभी लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
वहीं, गाजियाबाद पुलिस ने इस घटना के बार में जानकारी देते हुए अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा कि पीड़ित अब्दुल समद 5 जून को बुलंदशहर से बेहटा, लोनी बॉर्डर आया था। जहां से एक दूसरे शख्स के साथ अहम मुल्ज़िम परवेश गुज्जर के घर बंथला, लोनी गया था। पुलिस ने आगे बताया कि परवेश के घर पर कुछ वक्त में बाकी लड़के कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद वगैरह आ गए और परवेश के साथ मिलकर बुजुर्ग से मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक, अब्दुल समद तावीज बनाने का काम करता है, उसके दिए गए तावीज से उनके परिवार पर उल्टा असर हुआ। इस वजह से उन्होंने यह कृत्य किया। पुलिस के मुताबिक अब्दुल समद और प्रवेश, आदिल, कल्लू वगैरह लड़के एक दूसरे को पहले से ही जानते थे क्योंकि अब्दुल समद के ज़रिए गांव में कई लोगों को तावीज दिए गए थे।













