Ram Mandir. अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर (Ram Mandir) का प्राण प्रतिष्ठा समारोह (Ram Mandir Inaugauration) होना है। उद्घाटन को भव्य बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने पूरी ताकत लगा रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न क्षेत्रों के 4 हजार गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। इनमें कुछ विपक्षी राजनेता भी शामिल हैं। कुछ नेता ऐसे भी हैं, जिन्हें न्योता अभी तक नहीं मिला है और वे गाहे-बगाहे इसकी शिकायत भी कर रहे हैं।
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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे भी इन्हीं नेताओं में शुमार हैं। हिंदुत्व की विचारधारा को मानने का दावा करने वाले ठाकरे राम मंदिर आंदोलन में अपने पिता बाला साहेब ठाकरे और शिवसेना कार्यकर्ताओं के योगदान का जिक्र अक्सर करते रहते हैं। पिछले दिनों उद्धव ठाकरे ने कहा था कि उन्हें उद्घाटन समारोह में शामिल होने का न्योता नहीं मिला है। उन्होंने बीजेपी पर कार्यक्रम का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। जिस पर राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने पलटवार किया है।
Ram Mandir: राम भक्त को मिलता है निमंत्रण – आचार्य सत्येंद्र दास
श्री राम जन्मभूमि (Ram Mandir) के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह में केवल राम भक्तों को न्योता दिया गया है। उन्होने कहा कि निमंत्रण केवल उन लोगों को मिलता है, जो भगवान राम के भक्त हैं। यह कहना बिल्कुल गलत है कि बीजेपी केवल भगवान राम के नाम पर लड़ रही है। हमारे पीएम का हर जगह सम्मान होता है। उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत बड़ा काम किया है। यह राजनीति नहीं है, यह उनकी भक्ति है। मुख्य पुजारी ने शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता संजय राउत पर भी निशाना साधा है।
दरअसल राउत ने रविवार को कहा था कि भाजपा को अब बस केवल भगवान राम (Ram Mandir) को उम्मीदवार घोषित करना केवल बाकी रह गया है। जिस पर आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि संजय राउत को इतना दर्द है कि वो बता नहीं सकते, ये वही लोग हैं, जो कभी भगवान राम के नाम पर चुनाव लड़ते थे। आज भगवान राम को मानने वाले सत्ता में हैं। उन्होंने राउत के बयान को बकवास करार देते हुए कहा कि वह भगवान राम का अपमान कर रहे हैं। इंडिया गठबंधन में शामिल महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा था कि उन्हें 22 जनवरी को होने जा रहे राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का न्योता नहीं मिला है।
हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि मुझे मंदिर में दर्शन करने के लिए किसी निमंत्रण की जरूरत नहीं है, मैं कभी भी जाकर दर्शन कर सकता हूं। मुझे निमंत्रण की कोई आवश्यकता भी नहीं है। मेरा बस एक ही अनुरोध है कि इस कार्यक्रम को राजनीतिक नहीं बनाया जाना चाहिए। बता दें कि इससे पहले उद्धव ठाकरे ने आशंका जताई थी कि राम मंदिर उद्घाटन समारोह के दौरान अयोध्या में गोधरा जैसी घटना हो सकती है। जिसके बहाने राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जाएगा। उनका इशारा और निशाना बीजेपी पर था।










