Disease X: कोरोना महामारी ने दुनिया भर में जो भूचाल ला दिया था वह आज तक कोई नहीं (Disease X) भूल पाया है। यह एक ऐसा कठिन समय था जिस वक्त में कई लोगों ने अपनों को खो दिया। अब इसके मामले भले ही ना के बराबर हो चुके हैं लेकिन बीच-बीच में जो स्ट्रेन आए हैं उन्होंने कहीं ना कहीं लोगों की चिंता बढ़ाई है। सभी जब एक और बीमारी सामने आई है जिससे वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ चुकी है। हालांकि, घबराने की जरूरत नहीं है इस चिंता का कारण कोरोनावायरस नहीं बल्कि डिसीज एक्स है। इस शब्द का इस्तेमाल सालों पहले वैज्ञानिकों ने अंजन और गंभीर बीमारी के खतरे के लिए किया था। चलिए आज हम आपको इस बारे में जानकारी देते हैं।
— India 24×7 live Tv (@india24x7livetv) January 19, 2024
Disease X: क्या है डिजीज एक्स
ये एक एक ऐसी बीमारी है जो किसी गंभीर और अज्ञात बैक्टीरिया की वजह से होती है। साल 2017 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे सीवियर एक्यूटरी रेस्पिरेटरी सिंड्रोम और इबोला जैसी बीमारियों के साथ शॉर्ट लिस्ट किया था। वन्यजीवों में कई तरह के वायरस पाए जाते हैं जो इंसानों के लिए खतरा बन सकते हैं। यह वाइरस मनुष्य समेत अन्य प्रजातियों में फैलने और उन्हें संक्रमित करने की क्षमता रखते हैं। इस वजह से एक ऐसे संक्रमण का जन्म हो सकता है जिससे लड़ने की क्षमता मानव शरीर में शायद ही हो।
2014 से 16 के दौरान साउथ वेस्ट में इबोला की वजह से जो महामारी हुई वह किसी अलार्म की तरह आई थी। दशकों की खोज और तमाम सुविधाओं के बावजूद भी 11000 लोगों की जान नहीं बचाई जा सके और उनके लिए कोई इलाज मौजूद नहीं था। इस मानवीय संकट को ध्यान में रखते हुए WHO द्वारा एक लिस्ट तैयार की गई थी।
लिस्ट बीमारियों के बचाव के लिए जरूरी साधनों को बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई गई थी। इसमें कोविड-19, क्रीमियन-कांगो, हेमरेजिक फीवर, इबोला वायरस, डिजीज और मारबर्ग वायरस डिजीज, लासा फीवर, मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS) और SARS, निपाह और हेनिपावायरल डिजीज, रिफ्ट वैली फीवर, जीका, डिजीज एक्स शामिल है.










