Balaghat News: मधय प्रदेश के बालाघाट जिले के अंतर्गत लांजी (Lanji) विकासखंड (ब्लॉक) में बारिश की कमी से पहले ही परेशान कारंजा और बापड़ी क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें अब बढ़ती जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से नहर में पानी आ रहा है, लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की कथित चुप्पी के कारण उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालात ऐसे हैं कि करीब 35 किसानों की 200 एकड़ जमीन पर लगी धान की फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इस वर्ष बारिश पर्याप्त नहीं होने और मौसम की मार से धान की फसल पहले ही प्रभावित हुई है। किसानों को उम्मीद थी कि नहर में पानी आने से कम से कम बची हुई फसल को बचाया जा सकेगा। लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी खेतों तक पानी नहीं पहुंचने से किसानों की उम्मीदें टूटने लगी हैं। अब किसानों के सामने सवाल है कि जब नहर में पानी उपलब्ध है, तो उनकी फसल की प्यास आखिर कौन बुझाएगा?
बस स्टैंड के पास पुलिया जाम, सफाई व्यवस्था पर सवाल
किसानों के मुताबिक, कारंजा बस स्टैंड के पास शराब दुकान के नजदीक स्थित पुलिया में कचरा, शराब की बोतलें और डिस्पोजल जमा होने से पानी का बहाव बाधित हो रहा है। किसानों का आरोप है कि नहर और नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
कारंजा पंचायत के पास माता मंदिर के नजदीक भी किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नहर में पानी होने के बावजूद खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
जब नहर की सफाई और पानी का प्रवाह सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है, तो किसानों को खुद सफाई करने के लिए क्यों कहा जा रहा है? यह सवाल अब क्षेत्र के किसानों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
धान में बालियां आने का समय, पानी नहीं मिला तो घटेगा उत्पादन
धान की फसल के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। किसानों के अनुसार, फसल में बालियां निकलने और दाने भरने के दौरान पानी की कमी होने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पहले कम बारिश, फिर मौसम की बीमारियों से नुकसान और अब सिंचाई के पानी की समस्या ने किसानों को आर्थिक संकट की चिंता में डाल दिया है।

करीब 200 एकड़ में लगी फसल को बचाने के लिए किसानों को तत्काल सिंचाई की आवश्यकता है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते पानी नहीं मिला, तो सालभर की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
किसानों का दर्द—15 दिन से इंतजार, आश्वासन मिला, पानी नहीं
मोहन डामाहे, किसान ने कहा, “पिछले 15 दिनों से नहर में पानी आ रहा है, लेकिन आज तक हमारे खेतों तक पानी नहीं पहुंचा। हमने अधिकारियों से बात की तो जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी समस्या बनी हुई है। किसान बहुत परेशान हैं। जब फसल को समय पर पानी नहीं मिलेगा, तो उत्पादन कैसे होगा?”
राजकुमार दोनोडे, किसान ने कहा, “हमने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की समस्या पर ध्यान दिया जाए और सिंचाई के पानी की व्यवस्था जल्द की जाए। बारिश की कमी से किसान पहले ही परेशान हैं। अब नहर में पानी होने के बावजूद खेत सूखे पड़े हैं। हमारी समस्या का तत्काल समाधान होना चाहिए।”
सहदेव नंदनवार, किसान ने कहा, “नहर और नालियों की व्यवस्था खराब है। बस स्टैंड के पास कचरा, शराब की बोतलें और डिस्पोजल जमा होने से पानी का बहाव रुक रहा है। शिकायत करने पर कहा जाता है कि आप खुद सफाई कर लें। आखिर विभाग की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? किसानों को समय पर पानी मिलना चाहिए।”
अब आर-पार की लड़ाई के मूड में किसान
लगातार परेशानी झेल रहे किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से मांग की है कि जाम पुलिया और नहर की तत्काल सफाई कराई जाए, पानी के प्रवाह में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए और खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाया जाए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे अपनी खराब होती फसल के साथ परिवार सहित मुख्य मार्ग पर बैठकर अनिश्चितकालीन रास्ता रोको आंदोलन करेंगे। किसानों का कहना है कि खेती ही उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। यदि फसल बर्बाद हुई, तो परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
अब जवाब कौन देगा?
नहर में पानी आने के 15 दिन बाद भी खेतों तक पानी क्यों नहीं पहुंचा? बस स्टैंड के पास जाम पुलिया की सफाई अब तक क्यों नहीं हुई? किसानों की शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान क्यों नहीं निकला?
किसानों की मांग साफ है—नहर का पानी खेतों तक पहुंचाओ, जाम पुलिया की सफाई कराओ और फसल बर्बाद होने से पहले सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करो। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग किसानों को राहत कब तक देता है।









