Coaching Guidelines: देश भर में निजी कोचिंग सेंटर्स की बाढ़ आ गई है। यहां पर विद्यार्थियों को सफलता की गारंटी का सब्जबाग दिखाकर उनका दाखिला कराया जाता है और उनसे भारी रकम वसूली जाती है। छात्रों की इच्छा और उनका बैकग्राउंड जाने बगैर उन्हें एक ऐसी लड़ाई में उतार दिया जाता है, जहां उनकी सफलता के चांस बेहद सीमित होते हैं। इससे अवसाद की चपेट में आने वाले स्टूडेंट्स प्राणघातक कदम (Coaching Guidelines) उठा लेते हैं।
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लगातार हो रही सुसाइड की घटनाओं और कोचिंग सेंटर्स की मनमानी के खिलाफ उठ रही आवाजों पर अब सरकार का ध्यान गया है। केंद्र सरकार ने देशभर में कुकुरमुत्ते की तरह उगे प्राइवेट कोचिंग संस्थानों में नकेल कसने का फैसला किया है। इनके खिलाफ एक नई गाइडलाइन जारी किए गए हैं, जिसमें बेहद कड़े प्रावधान किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर भारी जुर्माने के साथ – साथ कठोर वैधानिक कार्रवाई हो सकती है।
Coaching Guidelines: क्या है नई गाइडलाइन में?
- कोचिंग संस्थान 16 साल से कम उम्र के विद्यार्थियों का नामांकन नहीं कर सकते।
- नामांकन के लिए अच्छे नंबर, रैंक इत्यादि की गारंटी देने वाले भ्रामक वादा नहीं कर सकते।
- 5 घंटे से ज्यादा क्लास नहीं चलेगी। सुबह अर्ली मॉनिंग और लेट नाइट क्लास नहीं होगी।
- छात्रों और शिक्षकों को वीक ऑफ मिलेगा। स्कूलों और संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की टाइमिंग के दौरान कोचिंग कक्षाएं नहीं चलेंगी।
- स्नातक से कम योग्यता वाले शिक्षकों को नियुक्त नहीं किया जा सकता।
- छात्रों को तनाव से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।
- वसूली जाने वाली फीस की रसीद देनी होगी।
- बीच में कोचिंग छोड़ने वाले छात्रों को बकाया लौटाना होगा। रिफंड में हॉस्टल और मेस फीस भी शामिल होगी।
- फीस पारदर्शी और तार्किक होना चाहिए। ज्यादा फीस वसूलने पर रजिस्ट्रेशन रद्द होगा।
- कोचिंग सेंटर्स को गाइडलाइन के अनुरूप रजिस्ट्रेशन न कराने और नियम एवं शर्तों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना देना होगा। कोचिंग सेंटर पहले उल्लंघन के लिए 25 हजार, दूसरी बार एक लाख और तीसरी बार अपराध के लिए रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी दोना होगा।
- कोचिंग संस्थानों की निगरानी की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
बता दें कि कोचिंग संस्थानों का गढ़ माने जाने वाले राजस्थान के कोटा शहर में पिछल साल दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं ने अवसाद में आकर सुसाइड कर लिया था। जिसको लेकर खूब हल्ला मचा था और राज्य सरकार को मामले में दखल देना पड़ा था। मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, 2023 में देश के विभिन्न हिस्सों से मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने आए 28 बच्चों ने आत्महत्या कर ली थी।










