Gorakhpur News: गोरखपुर में धार्मिक आयोजन के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। श्री राम कथा के प्रसिद्ध कथावाचक राजन जी महाराज के कार्यक्रम में कथावाचक टीम के साथ अभद्रता और जान से मारने की धमकी ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। घटना के बाद राजन जी महाराज ने कथा बीच में ही छोड़कर जाने का मन बनाया, लेकिन सुरक्षा और लोगों के आश्वासन के बाद ही उन्होंने कथा जारी रखी।
Gorakhpur News: कथा का तीसरा दिन और धमकी का मामला
गोरखपुर के चम्पा देवी पार्क में 27 जनवरी से चल रही 9 दिवसीय श्री राम कथा का तीसरा दिन, 29 जनवरी, विवादपूर्ण रहा। कथावाचक की टीम और आयोजकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसी बीच किसी ने कथावाचक की टीम को गोली मारने की धमकी दे दी। Gorakhpur News) घटना का पता चलते ही राजन जी महाराज ने तत्काल वापस जाने का मन बनाया। हालांकि, एक जनप्रतिनिधि ने उन्हें मनाया और भविष्य में सुरक्षा की गारंटी दी।
राजन जी महाराज ने स्वयं दी जानकारी
राजन जी महाराज ने अगले दिन कथा के दौरान इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने साफ किया कि वे पैसे लेकर किसी से नहीं मिलते। (Gorakhpur News) कथावाचक ने चेताया कि कुछ लोग उनसे मिलने के लिए 1100 रुपए ले रहे हैं, ऐसे लोग सावधान रहें। उनका कहना था कि कथा प्रेम और भक्ति के लिए आयोजित की जाती है, न कि विवाद और पैसे के लिए।
कथा आयोजन और आयोजक
इस श्री राम कथा का आयोजन श्री राम कथा आयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है। मुख्य आयोजकों में डॉ. कुमुद त्रिपाठी, मदन मोहन त्रिपाठी, विधायक प्रदीप शुक्ल, अशोक शुक्ल, भोलेंद्र दुबे आदि शामिल हैं। शुरुआती तालमेल की कमी को ही घटना की वजह माना जा रहा है।
राजन जी महाराज का जीवन और आध्यात्मिक यात्रा
कथावाचक राजन जी महाराज का जन्म 6 सितंबर 1982 को कोलकाता में हुआ। उनका असली नाम राजन तिवारी है। बचपन से ही उनका मन धर्म और भगवान की भक्ति में रमा रहा। पिता शिवजी तिवारी खुद गुरु थे, जिन्होंने उन्हें रामचरितमानस और धार्मिक कथाएं सुनाईं। (Gorakhpur News) पढ़ाई कोलकाता के स्कॉटिश चर्च कॉलेज से की और रसायन विज्ञान में बीएससी की डिग्री प्राप्त की। 2004 में प्रेम भूषण जी से प्रेरणा पाकर उन्होंने कथा वाचन की शुरुआत की और 2011 में हावड़ा में पहली राम कथा सुनाई। आज राजन जी महाराज देश-विदेश में अपनी कथाओं से लाखों लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।















