
Gorakhpur News: निदेशालय राजस्व खुफिया (डीआरआई) मुंबई की टीम ने दाऊद इब्राहिम गैंग के करीबी के ड्रग कारोबार के नेटवर्क के सक्रिय सदस्य को गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। वह बस्ती जिले को ठिकाना बनाकर पूर्वांचल, सीमावर्ती बिहार से लेकर नेपाल तक नेटवर्क को संचालित कर रहा था। (Gorakhpur News) वह तमाम युवाओं को ड्रग मुहैया कराता था। डीआरआई के अधिकारी अब पूर्वांचल में उसके नेटवर्क को खंगालने में जुट गए हैं।
18 अगस्त को डीआरआई ने भोपाल जिले के जगदीशपुर क्षेत्र में चल रही मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। डीआरआई ने 92 करोड़ मूल्य की 61.2 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त करते हुए नेटवर्क से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया है। (Gorakhpur News) इस नेटवर्क के एक सक्रिय सदस्य को डीआरआई की टीम ने 17 अगस्त को गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। कुख्यात अपराधी दाऊद इब्राहिम का करीबी सलीम डोला के गैंग का सक्रिय सदस्य था। सलीम ही ड्रग के नेटवर्क को संचालित करता है।
Also Read –Shubhanshu Shukla: स्पेस स्टेशन में जीवन का सच, शुभांशु शुक्ला ने पीएम मोदी से साझा किया अपना अंतरिक्ष अनुभव
पकड़ा गया सदस्य बस्ती जिले में एक स्थान पर ठिकाना बनाकर नेपाल से लेकर पूर्वांचल के लिए कारोबार को संचालित कर रहा था। गोरखपुर में गिरफ्तार सदस्य को भिवंडी (मुंबई) से भोपाल तक कच्चे माल की आपूर्ति की देखरेख का काम सौंपा गया था। (Gorakhpur News) भोपाल में पकड़ी गई फैक्ट्री का नेटवर्क महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों में फैला हुआ है। इसके तार नेपाल से भी जुड़े हुए हैं। मेफेड्रोन ड्रग हेरोइन और कोकीन से भी ज्यादा नशीला होता है। इसे म्याऊं-म्याऊं कोड नेम से भी जाना जाता है। मेफेड्रोन पौधों के लिए बनी सिंथेटिक खाद है। यह कोकीन और हेरोइन दोनों की तुलना में बहुत ही सस्ता होता है।
Also Read –Thama Cast First Look: थामा में आयुष्मान खुराना से लेकर रश्मिका मंदाना तक जानिए क्या होगा इनका किरदार
Gorakhpur News: कच्चा माल भेजा था भिवंडी
पकड़े गए सदस्य पर आरोप है कि उसने ड्रग्स बनाने के लिए जरूरी कच्चा माल ठाणे के भिवंडी से सलीम डोला के इशारे पर भेजा जाता था। शुरुआती जांच में पता चला है कि मार्च से जुलाई तक भोपाल की इस फैक्ट्री को करीब 400 किलो कच्चा माल सप्लाई किया गया था, जिसका उपयोग मेफेड्रोन तैयार करने में किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि हवाला के ज़रिए सूरत और मुंबई से भोपाल में धन हस्तांतरित किया जा रहा था। धन हस्तांतरण के लिए ज़िम्मेदार कार्टेल के एक करीबी सहयोगी को भी सूरत में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार सात आरोपियों में एक विदेशी ऑपरेटर भी है।













