Lok Sabha Election: बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन में अब नाराजगी की बात खुलकर सामने आने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) चार दिनों के भीतर बुधवार को जब फिर बिहार के दौरे पर पहुंचे तो उनकी सभा से लोकजनशक्ति (Lok Sabha Election) पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान (Chirag Paswan) और रालोजपा के नेता उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) गायब रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को बेतिया में 21,800 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
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— India 24×7 live Tv (@india24x7livetv) March 7, 2024
पीएम मोदी की इस रैली में भाजपा, जदयू और हम के नेता जरूर मौजूद थे मगर चिराग और उपेंद्र कुशवाहा की नामौजूदगी को लेकर तमाम सवाल उठाए जा रहे हैं। बेतिया की चुनावी रैली में उन्होंने विपक्षी महागठबंधन पर तीखा हमला बोला मगर दूसरी ओर एनडीए का कुनबा ही एकजुट नजर नहीं आ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने चार दिनों पहले औरंगाबाद और बेगूसराय में भी चुनावी रैली की थी और इन दोनों रैलियों में भी चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा मौजूद नहीं थे।
Lok Sabha Election: पीएम मोदी की सभाओं से लगातार दूरी
बिहार के सियासी हल्कों में एनडीए के भीतर खटपट होने की अटकलें अब काफी तेज हो गई हैं। बिहार एनडीए में अभी तक सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं किया जा सका है। सीट शेयरिंग को लेकर चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा दोनों नाराज बताए जा रहे हैं। इन दोनों नेताओं की नाराजगी भाजपा के साथ ही जदयू से भी है। चिराग पासवान के मुख्यमंत्री और जदयू के मुखिया नीतीश कुमार से पहले ही छत्तीस के आंकड़े हैं जबकि उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार से नाराजगी के बाद जदयू से इस्तीफा दिया था।
कुशवाहा की पार्टी के नेताओं का कहना है कि उन्हें बुधवार को पीएम मोदी की बेतिया रैली का निमंत्रण ही नहीं मिला था। उनका तर्क था कि बेतिया का कार्यक्रम सरकारी था और चूंकि कुशवाहा किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं,इसलिए उन्हें निमंत्रण नहीं भेजा गया था। मजे की बात यह है कि सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहने वाले उपेंद्र कुशवाहा ने बुधवार को अपनी किसी पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री मोदी का बिहार में स्वागत तक नहीं किया। चिराग पासवान की भी यही स्थिति रही और वे प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए नहीं दिखे।










