रिपोर्ट- फिरोज कुरैशी
Maharashtra: अमरावती और विदर्भ क्षेत्र में मंगलवार शाम अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी-तूफान और झोंकेदार हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। इस बेमौसम बारिश ने सबसे अधिक नुकसान किसानों को पहुंचाया है, जिनकी फसलें कटाई के कगार पर थीं।
तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। (Maharashtra) गेहूं, प्याज, केला और चना जैसी प्रमुख फसलें पानी में डूब गईं या गिरकर खराब हो गईं। कई जगहों पर खेतों में जमा पानी ने फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। किसानों के अनुसार, यह नुकसान उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेरने जैसा है।
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विशेष रूप से अंजनगांव सुर्जी तालुका के किसान इस आपदा से बेहद प्रभावित हुए हैं। स्थानीय किसानों ने बताया कि उनकी ठिठुरी (सूखी घास) भी बारिश में बह गई, जिससे पशुओं के चारे की समस्या भी खड़ी हो गई है। (Maharashtra) आर्थिक रूप से पहले से ही दबाव झेल रहे किसानों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर बन गई है।
हमारे प्रतिनिधियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों से बातचीत की। किसानों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उनकी पूरी आय इन फसलों पर निर्भर थी, जो अब बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल नुकसान का सर्वे (पंचनामा) कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली, तो उनके सामने आर्थिक संकट गहरा जाएगा। (Maharashtra) कुछ किसानों ने तो यह भी कहा कि इस तरह की बेमौसम मार के चलते वे मानसिक रूप से टूट चुके हैं और उनके सामने आत्महत्या जैसे कदम उठाने की नौबत आ गई है।
ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन तुरंत सक्रिय होकर प्रभावित किसानों की मदद करे और राहत पैकेज की घोषणा करे, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।














