Uttarkashi Tunnel Rescue: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के सिलक्यारा सुरंग में 26 नवंबर को भूस्खलन होने से फंसे 41 मजदूरों को 400 घंटे के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 28 नवंबर को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इनमें से कई मजदूर बिहार के रहने वाले थे।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले दीपक कुमार भी सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों में से एक थे। (Uttarkashi Tunnel Rescue) दीपक के परिजनों ने बताया कि उन्हें जब दीपक के सकुशल बाहर निकलने की खबर मिली तो उनके खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दीपक की मां ने कहा कि उनकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं।
Uttarkashi Tunnel Rescue: ‘चिंता मत कर मां, मैं अब ठीक हूं, जल्द आऊंगा घर’
दीपक की मां ने बताया कि उनका बेटा पिछले 10 सालों से उत्तराखंड में काम कर रहा है। (Uttarkashi Tunnel Rescue) वह एक ईमानदार और मेहनती लड़का है। वह हर साल अपने गांव आता है और अपने परिवार के साथ समय बिताता है।
दीपक की मां ने सरकार और बचाव कार्य में जुटे सुरक्षाकर्मियों को भी तहे दिल से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अगर इन लोगों की मेहनत न होती तो उनका बेटा आज हमारे बीच नहीं होता।
दीपक के अलावा, बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले सुशील कुमार और भोजपुर जिले के रहने वाले सबा अहमद भी सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों में शामिल थे। इन दोनों मजदूरों के परिजनों ने भी उनकी सकुशल बाहर निकलने पर खुशी व्यक्त की।
सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों के सकुशल बाहर निकलने से पूरे देश में खुशी की लहर है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन भारत का सबसे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन था। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने एक साथ मिलकर काम किया।










