Vande Bharat Train: अब गोरखपुर से लखनऊ होते हुए प्रयागराज जाने की राह आसान होने जा रही है। गोरखपुर से लखनऊ तक संचालित हो रही वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Train) का विस्तार प्रयागराज (Prayagraj) तक किया जाएगा। 12 मार्च को पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Modi) वर्चुअल कार्यक्रम में वंदे भारत के विस्तार के साथ ही कई और सौगात पूर्वांचल और बिहार के सीमावर्ती जिलों को देंगे। रेल प्रशासन के मुताबिक, बंदे भारत की नई टाइमिंग जल्द जारी होगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) 12 मार्च को 85,000 करोड़ से अधिक की परियाजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही 10 नई वंदे भारत और 04 वंदे भारत एक्सप्रेस के मार्ग विस्तार का झंडी दिखाकर शुभारम्भ भी करेंगे। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गोरखपुर से लखनऊ तक चल रही 22549/ 22550 वंदे भारत एक्सप्रेस का मार्ग विस्तार प्रयागराज तक हरी झंडी दिखाकर करेंगे।
राजस्थान के चूरू से बीजेपी सांसद राहुल कस्वां कांग्रेस में हुए शामिल. #India24x7livetv #NewsUpdate #RajasthanNews #congress #Politics pic.twitter.com/hj7Ufhxuov
— India 24×7 live Tv (@india24x7livetv) March 11, 2024
इसके साथ ही एनई रेलवे के वाराणसी सिटी एवं गोमती नगर स्टेशनों पर स्थापित रेल कोच रेस्टोरेंट का भी प्रधानमंत्री लोकार्पण करेंगे। रेस्टोरेंट के अलावा पूर्वोत्तर रेलवे के भटनी-पिवकोल, सादात-औंड़िहार, छपरा-मांझी खंडों का दोहरीकरण, गोरखपुर कैंट-कुसम्ही एवं छपरा-छपरा कचहरी के मध्य तीसरी लाइन का भी लोकार्पण होगा। इन सभी के साथ ही सबसे अहम प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र का गोरखपुर, लखनऊ, बनारस एवं काशीपुर स्टेशन पर शुभारम्भ शामिल है। एनईआर के प्रमुख स्टेशनों पर जनऔषधि केन्द्र खुल जाने से यात्री किसी भी आपात स्थिति में आसानी से दवा ले सकेंगे। इसके साथ ही कोच रेस्टोरेंट खुल जाने से यात्रियों को खानपान के क्षेत्र में सुविधा मिलेगी।
Vande Bharat Train: लॉजिस्टिक्स सुविधाओं भी शुरू होंगी
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के लिए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल के रूप में विकसित हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड, नकहा जंगल, अंकुर उद्योग लिमिटेड, सहजनवा एवं अडाणी एग्री लॉजिस्टिक लिमिटेड और जसोदा का लोकार्पण किया जाएगा। इससे अंकुर उद्योग में सरिया और एचयूआरएल से खाद की निकासी में आसानी होगी।










