रायबरेली :अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम में कार्तिक पूर्णिमा महोत्सव (आश्रम का वार्षिक उत्सव) का शुभारम्भ 8ः00 बजे पूजन पाठ से प्रारम्भ हुआ। 9ः00 बजे से श्री सर्वेश्वरी त्वम् पाहिमाम शरणागतम का अखण्ड कीर्तन का शुभारम्भ हुआ, जो अनवरत 24 घन्टे चला। 19-11-2021 (शुक्रवार) को प्रातः 9ः00 बजे समाप्त हुआ। तत्पश्चात् 1 घन्टे अघोरेश्वर स्मृति वचनामृत का पाठ हुआ। 11ः00 बजे से विद्वानों की एक विचार गोष्ठी हुई, जिसमें श्री सर्वेश्वरी समूह, अवधूत भगवान राम जी जो श्री सर्वेश्वरी समूह के संस्थापक हैं, उनके कृतित्व पर अन्य जनपदों से आये लोगों ने विचार व्यक्त किया।
श्री करूणाशंकर बाजपेयी ने कुशल संचालन किया। सायं आश्रम परिसर दीपों से परमपूज्य अवधूत भगवान राम की स्थली जगमगा उठी। यह कार्तिक पूर्णिमा का दीपोत्सव का कार्यक्रम अवधूत भगवान राम की स्मृति में होता है, आप अघोर परम्परा के जन्मणः सिद्ध सन्त थे। जो आजीवन मानवता तथा कुष्ठ रागियों की सेवा कर समाज तथा देश को दिशा दी, अघोर परम्परा को समाज से जोड़ा, भगवान दत्तात्रेय तथा अघोराचार्य कीनाराम की परम्परा के औघड़ सन्त हैं। कार्तिक पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर डा0 रवी सिंह द्वारा लगाया, जिन्होनें अपनी टीम के साथ 70 रोगियांें को उपचार तथा निःशुल्क औषधियाँ प्रदान की। एक अन्य एक्यूप्रेशर का शिविर डा0 संजय द्वारा लगाया गया, जिसमें 55 रोगियों की चिकित्सा उपचार प्रदान किया। सर्वप्रथम सन्त मगहिया राम द्वारा परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम के चित्र के सामने दीप प्रज्जवलन तथा माल्र्यापण किया गया। मंचस्थ श्री सुनील त्यागी, आर.के. यादव, राघवेन्द्र मिश्र तथा हर्षेन्द्र सिंह को शाखा के मन्त्री ओम प्रकाश तथा व्यवस्थापक बृजेश सिंह द्वारा माल्र्यापण कर स्वागत किया गया।
इस गोष्ठी में दल बहादुर सिंह, माताफेर मौर्य (थौरी), शिवलखन सिंह, डा0 रवी सिंह, विवेक, आर.सी.पाल, अरूण श्रीवास्तव (इलाहाबाद), हर्षेन्द्र सिंह तथा राघवेन्द्र मिश्र ने सर्वेश्वरी समूह के सामाजिक कार्यो पर प्रकाश डाला। सन्त मगहिया राम ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाप्रभू अघोरेश्वर भगवान राम ने समाज को दिशा दी जिससें अपना तथा समाज का कल्याण हो सकता है, उनके विचारांे आदर्शो को अपनी जीवनशैली में अपनाने की आवश्यकता है। पूज्य बाबा के विचारों को वर्तमान पीठाधीश्वर परम पूज्य बाबा गुरूपद संभव राम जी साकार कर रहे हैं, अघोर परम्परा को ऊँचाई प्रदान कर रहे हैं।
अन्त में शाखा रायबरेली के मन्त्री ओ.पी. सिंह ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। जय माँ सर्वेश्वरी, जय माँ गुरू, जय अघोरेश्वर महाप्रभू के उद्घोषण के साथ गोष्ठी का समापन हुआ। तत्पश्चात् सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। सायंकाल पूज्य बाबा की स्मृति में भक्तों द्वारा हजारों की संख्या में दीप प्रज्जवलित किये गये।









