Bihar Election 2025: बिहार के राजनीतिक गलियारे में एक बार फिर हलचल मची है। इस बार चर्चा का केंद्र बने हैं पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव। सांसद को इनकम टैक्स विभाग की तरफ से नोटिस मिला है। लेकिन विवाद की असल वजह है बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए उन्होंने जो नकद राशि वितरित की थी। पप्पू यादव का कहना है कि उन्हें बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता करने के लिए ही नोटिस मिला, जो उनके अनुसार पूरी तरह से मानवता के आधार पर किया गया काम है।
Bihar Election 2025: पप्पू यादव का बयान
शनिवार सुबह पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मामले की जानकारी साझा की। (Bihar Election 2025) उन्होंने लिखा, “मुझे इनकम टैक्स का नोटिस मिला है, बाढ़ पीड़ितों की मदद में रुपये बांटने को अपराध बताया है। यह अपराध है तो मैं हर वंचित पीड़ित की सहायता का अपराध सदैव करता रहूंगा।”
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सांसद ने स्पष्ट किया कि उन्होंने वैशाली जिले के नयागांव पूर्वी पंचायत के मनियारी गांव में बाढ़ पीड़ितों की मदद की थी। (Bihar Election 2025) यहां लोगों के घर गंगा में बह गए थे और जीवन कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि अगर उन्होंने मदद नहीं की होती तो क्या वे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और स्थानीय सांसद चिराग पासवान की तरह मूकदर्शक बने रहते?
आचार संहिता का मामला और FIR
दरअसल, विधानसभा चुनाव के एलान के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नकद वितरित करने के कारण पप्पू यादव पर वैशाली जिले में आचार संहिता उल्लंघन का केस भी दर्ज हुआ था। दो सप्ताह पहले सांसद ने विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद सहदेई थाने में FIR दर्ज कर दी गई थी। सांसद पर आरोप लगाया गया कि चुनाव के बीच यह कदम आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। पप्पू यादव ने अपने बयान में इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का काम बताया और कहा कि यह कार्रवाई उन लोगों के लिए न्यायसंगत नहीं है जिन्हें वास्तविक मदद की जरूरत थी।










