PM Modi open letter women’s 2026: देश की राजनीति में एक नया इतिहास रचने की घड़ी करीब आ गई है। 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र शुरू होने जा रहा है, जहाँ ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर निर्णायक चर्चा होगी। इस ऐतिहासिक मौके से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर की करोड़ों महिलाओं के नाम एक भावुक और प्रेरणादायी पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए पीएम मोदी ने न केवल महिलाओं से इस विधेयक की सफलता के लिए आशीर्वाद मांगा है, बल्कि उन्हें लोकतंत्र के इस महापर्व में सीधे तौर पर शामिल होने का न्योता भी दिया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल एक कानून नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की बराबर की भागीदारी सुनिश्चित करने का महायज्ञ है।
PM Modi open letter women’s 2026: बाबासाहेब का सपना और नारी शक्ति का संकल्प
अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उन्हें याद करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने लिखा कि महिला आरक्षण का यह प्रयास बाबासाहेब की उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने की एक कोशिश है, जो समानता और समरसता पर आधारित है। (PM Modi open letter women’s 2026) पीएम ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति बाबासाहेब की प्रतिबद्धता ही हमें सर्वोच्च मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विश्वास जताया कि 16 अप्रैल से संसद में शुरू होने वाली यह चर्चा देश की विधायी संस्थाओं में महिलाओं की आवाज को और अधिक सशक्त बनाएगी और यह मील का पत्थर साबित होगी।
महिलाओं से विशेष अपील: सांसदों को लिखें पत्र
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में देश की माताओं-बहनों से एक अनोखा और विनम्र आग्रह किया है। उन्होंने महिलाओं से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और उन्हें इस ऐतिहासिक सत्र में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें। पीएम मोदी ने कहा कि महिलाएं अपने सांसदों को याद दिलाएं कि वे संसद में कुछ ऐसा करने जा रहे हैं, जिसे आने वाली सदियों तक याद रखा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के जनप्रतिनिधि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में इस विधेयक का समर्थन करें और अपनी भूमिका को इतिहास के पन्नों में दर्ज कराएं।
2029 का चुनाव और लोकतंत्र की मजबूती
पीएम मोदी ने भविष्य का खाका खींचते हुए कहा कि यदि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ संपन्न होते हैं, तो हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत और सशक्त बनेगी। (PM Modi open letter women’s 2026) उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि इस विधेयक में किसी भी तरह की देरी देश की बेटियों के साथ अन्याय होगा। प्रधानमंत्री ने देश की माताओं-बहनों को भरोसा दिलाया कि अब उन्हें अपने अधिकार के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने देखा है कि पूरे देश में इस अधिनियम को लेकर जबरदस्त उत्साह है और महिलाएं अपनी नई भूमिका के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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समान अधिकार की विरासत और तार्किक निष्कर्ष
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि भारत उन चुनिंदा देशों में से है, जहाँ आजादी मिलते ही महिलाओं और पुरुषों को मतदान का समान अधिकार मिल गया था। जबकि दुनिया के कई विकसित देशों में महिलाओं को इस अधिकार के लिए सदियों तक संघर्ष करना पड़ा। (PM Modi open letter women’s 2026) उन्होंने अफसोस जताया कि पिछले तीन-चार दशकों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के कई प्रयास हुए, लेकिन वे तार्किक निष्कर्ष तक नहीं पहुँच सके। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि इस बार पूरा सदन एकजुट होकर इस संवैधानिक संशोधन को पारित करेगा। अंत में उन्होंने देशवासियों को आने वाले त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि की कामना की और नारी शक्ति से भारत के निर्माण में कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आह्वान किया।














