Noida Violence: नोएडा में हाल ही में हुए बवाल के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी की सिफारिशों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और औद्योगिक क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार ने न्यूनतम वेतन को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र, नगर निगम वाले शहर और प्रदेश के अन्य जिले। (Noida Violence) इन सभी के लिए अलग-अलग अंतरिम दरें तय की गई हैं, जो 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी। साफ तौर पर कहा गया है कि कोई भी कंपनी इन निर्धारित दरों से कम वेतन नहीं दे सकेगी। नोएडा और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है। (Noida Violence) यहां अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया गया है। अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,445 रुपये से बढ़ाकर 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों का वेतन 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दिया गया है।
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नगर निगम वाले अन्य शहरों में भी मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है। इन क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों का वेतन अब 13,006 रुपये, अर्धकुशल का 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों का वेतन 16,025 रुपये निर्धारित किया गया है। (Noida Violence) वहीं प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी संशोधित दरें लागू की गई हैं, जहां अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपये, अर्धकुशल को 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उस खबर को सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी भ्रामक और निराधार है, जिसका उद्देश्य लोगों को गुमराह करना है।
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सरकार ने यह भी बताया कि भारत सरकार नई श्रम संहिताओं के तहत राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम फ्लोर वेज तय करने की प्रक्रिया में है। इसका मकसद पूरे देश में श्रमिकों के लिए एक समान न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करना है। इसी दिशा में राज्य सरकार भी नियोक्ता संगठनों, श्रमिक संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ लगातार बातचीत कर रही है। (Noida Violence) हाल ही में घोषित दरों के अनुसार पहले अकुशल श्रमिकों के लिए मासिक वेतन 11,313 रुपये, अर्धकुशल के लिए 12,446 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 13,940 रुपये निर्धारित था। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने अंतरिम बढ़ोतरी का फैसला लिया है। साथ ही आगामी समय में वेज बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसकी सिफारिशों के आधार पर अंतिम न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। उन्होंने नियोक्ताओं को निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों को समय पर वेतन, ओवरटाइम, साप्ताहिक अवकाश, बोनस और सामाजिक सुरक्षा के सभी अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। (Noida Violence) खास तौर पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले को श्रमिकों के लिए राहत और औद्योगिक क्षेत्र में स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।















