UP News: वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी की पावन धरती से ‘समरसता संकल्प अभियान’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्वलित कर एवं अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए किया।
इस अवसर पर ऑल इंडिया स्मॉल न्यूज़ पेपर्स एसोसिएशन (आइसना) तथा मूल अधिकार एसोसिएशन भारत के राष्ट्रीय प्रवक्ता, उत्तर प्रदेश यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (उपज) के वरिष्ठ प्रांतीय मंत्री एवं मान्यता प्राप्त उत्तर प्रदेश समाचार सेवा के प्रांतीय प्रमुख सलिल कुमार मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश सरकार को इस महत्वपूर्ण अभियान के शुभारंभ पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

श्री सलिल कुमार मिश्र ने कहा कि ‘समरसता संकल्प अभियान’ का मुख्य उद्देश्य संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उनके समानता, सामाजिक सद्भाव, मानवता, समता, न्याय और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत जुलाई 2026 में की गई है, जिसके माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को संत गुरु रविदास के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास ने अपने जीवन और विचारों से समाज को समानता, न्याय, प्रेम और मानवता का संदेश दिया। आज के समय में उनके सिद्धांत पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक उनके विचारों को पहुंचाना, सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना तथा आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना है।
श्री मिश्र ने कहा कि संत गुरु रविदास की शिक्षाएं समाज को जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। यदि समाज उनके आदर्शों को अपनाए तो सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और समानता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य लोगों ने भी अभियान की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।








