CM Yogi on PM Ambitions: क्या PM बनना चाहते हैं CM योगी? पहली बार खुद बताया 2027 के बाद का प्लान, अटकलों पर लगा ब्रेक

Facebook
X
WhatsApp

CM Yogi on PM Ambitions: उत्तर प्रदेश की राजनीति से लेकर देश के सियासी गलियारों तक इन दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भविष्य को लेकर जोरदार कयासबाजी चल रही है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सीएम योगी की केंद्रीय राजनीति में भूमिका और उनके प्रधानमंत्री पद का दावेदार होने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इन तमाम चर्चाओं और कयासों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद सामने आकर अपनी मंशा साफ कर दी है। ‘द स्टेट्समैन’ को दिए एक बेहद खास और बहुचर्चित साक्षात्कार में सीएम योगी ने 2027 के बाद की अपनी राष्ट्रीय भूमिका, प्रधानमंत्री पद की मांग और राज्य के विकास को लेकर बेबाकी से अपनी बात रखी है।

Also Read –UP News: NCR प्रदूषण पर केंद्र-यूपी की अहम बैठक, वाहन और उद्योगों के उत्सर्जन पर होगी चर्चा

CM Yogi on PM Ambitions: क्या बोले CM योगी

इंटरव्यू के दौरान जब मुख्यमंत्री से सीधा सवाल पूछा गया कि 2027 के बाद उनकी राष्ट्रीय भूमिका को लेकर काफी अटकलें हैं, तो क्या वह खुद को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में देखते हैं या यूपी ही उनकी कर्मभूमि बनी रहेगी? इस सवाल का बेहद सादगी और कड़े शब्दों में जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि वह सार्वजनिक जीवन में केवल जिम्मेदारी की भावना और ‘राष्ट्र प्रथम’ के मूल मंत्र को अपना मार्गदर्शक मानकर आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा करने का जो दायित्व सौंपा है, उसे वह अपने सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य और सम्मान मानते हैं। उनका पूरा ध्यान केवल उत्तर प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और बेहतरीन गवर्नेंस (सुशासन) के मॉडल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर केंद्रित है।

Also Read –Rahul Gandhi Indore PM Modi Mimicry: इंदौर में PM मोदी की मिमिक्री राहुल गांधी को पड़ी भारी! BJP ने तुरंत लिया आड़े हाथों…छिड़ा सियासी संग्राम

2027 में NDA के सीट बंटवारे पर बोले

आगामी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे से जुड़े सवाल पर भी मुख्यमंत्री ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सहयोगियों से बातचीत करना और सीट शेयरिंग का फैसला लेना पार्टी संगठन का काम है। बतौर मुख्यमंत्री उनका मुख्य कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ हर जिले, हर गांव और समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति के घर तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचे। उनका संकल्प है कि समाज का हर वर्ग सशक्त हो और राज्य के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान दे सके।

अयोध्या के बाद काशी और मथुरा पर फोकस

जब सीएम योगी से पूछा गया कि क्या अयोध्या के बाद अब उनका ध्यान काशी और मथुरा पर केंद्रित होना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है या शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाना है? इस पर सीएम ने करारा जवाब देते हुए कहा कि यूपी की धरती पर अयोध्या, काशी और मथुरा का होना हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य प्रतीक है। यह राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और इसका संरक्षण करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आंकड़ों के साथ समझाया कि 2021 में काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन के बाद से अब तक 25 करोड़ से अधिक श्रद्धालु काशी आए हैं, जिससे 1.25 लाख करोड़ रुपये की विशाल आर्थिक गतिविधि हुई है। यह पैसा सीधे नाव चलाने वालों, दुकानदारों, पुजारियों, ऑटो चालकों और होटल व्यवसायियों की जेब में गया है।

विरासत और विकास साथ-साथ

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास शिक्षा या स्वास्थ्य के बजट को कम करके नहीं किया जा रहा है। उनकी सरकार विरासत के संरक्षण के साथ-साथ राज्य के विकास को पहली पंक्ति में रखकर काम कर रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यूपी कभी दिमागी बुखार (इन्सेफेलाइटिस) जैसी जानलेवा बीमारी से जूझता था, लेकिन आज स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करके उस पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ है और आज उत्तर प्रदेश में 80 से अधिक मेडिकल कॉलेज बनकर जनता को अपनी बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें