रिपोर्ट- मिथिलेश गुप्ता
UP News: वाराणसी, 5 नवंबर 2026। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद वाराणसी में प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिला उद्योग विभाग की ओर से प्रायोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मंडुवाडीह स्थित के.एन. मैरिज लॉन में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।
योजना के अंतर्गत वाराणसी जनपद में पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हलवाई, लोहार, नाई और धोबी ट्रेड के चयनित लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रौद्योगिकी विकास केंद्र, प्रक्रिया एवं उत्पाद विकास केंद्र (PPDC), NSDC, FICSI और BWSSC के माध्यम से किया जा रहा है।

UP News: पारंपरिक कारीगरों को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की पहल
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और श्रमिकों को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने सभी चयनित लाभार्थियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक व्यंजन तथा एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) मार्जिन मनी योजना की जानकारी साझा की गई। लाभार्थियों को इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपना व्यवसाय शुरू करने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित किया गया।

सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ मिलेगी तकनीकी जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मोहम्मद मोबस्सिर, रामचंद्र, अनीता शर्मा और जिला समन्वयक की ओर से प्रशिक्षणार्थियों को सैद्धांतिक, व्यावहारिक और तकनीकी रूप से दक्ष बनाने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को उद्यम के विभिन्न प्रकार, उद्यम रजिस्ट्रेशन और बैंक ऋण से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही विशेषज्ञों के अनुभव के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके भी समझाए जाएंगे।
कार्यक्रम में श्रीकांत, शशिकांत, श्रीप्रकाश, अंजली, राजकिशोर, सचिन, चांदनी, ललित कुमार और मान्यती विश्वकर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे स्थानीय कारीगरों के हुनर को नई पहचान मिलने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।









